पाकुड़ के ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल पाकुड़ द्वारा दी गई थी स्वीकृति ।

पाकुड़ । रविवार जिले के पाकुड़ प्रखंड आरईओ ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल विभाग से बने कई योजना अपना अस्तित्व खोने के कगार पर है ।और उक्त विभाग के द्वारा मोटी कमीशन पर जनहित मे बनने वाले सड़क कों भी कमीशन का भेट चढ़ा डाला जिसका जितता जागता उदाहरण पाकुड़ ज़िलें के पाकुड़ प्रखंड के कुछ सड़कों का है ।पाकुड़ प्रखंड के सैतानखाना मोडसेमणिरामपुर तक लाखों रूपये की लागत से बनी सड़क महज दो सालों में ही दरार पड़ गयी है। गिट्टी बाहर आने लगे है।
रणडांगा से संग्रामपुर सड़क के बीचों बीच में दरार पड़ गया है। प्रशासन जांच के नाम पर सिर्फ कर रही है ।खानापूर्ति
कालिदासपुर मोड़ से सोनाजोड़ी तक बनाए गए सड़क डेढ़ साल मेंक्षतिग्रस्त हो गया है। इसका भी आज तक जांच नहीं हो रहा है। पदाधिकारी अब तक क्षतिग्रस्त हुए योजनाओं का जांच नहीं कर रहे है।पदाधिकारी जब भी इन योजनाओं का जांच करेंगे तो पैरों तले जमीन खिसक जाएंगे। क्योंकि संवेदक गलत तरीके से काम किया है।और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क का मोटाई एवं मेटीरियल भी जांच होने सबके सब समाने बाहर आएंगे। सरकार इतना रुपया खर्च करके टेंडर निकालता है।लेकिन संवेदक बालू और धुला मिलाकर काम करता है। अगर जांच हो जाये तो बहुत बड़ा घोटाला निकलेगा। जांच कर संवेदक पर करवाई करें एवं काली सूची में डालने की भी बात सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने उपायुक्त महोदय के समीप रखी है।