लोहरदगा l महासप्तमी के मौके पर मंगलवार को पूजा पंडालों के पट खुल गए। भक्तों को माता के दर्शन हुए। माता के दर्शन पाकर भक्त आनंदित हो गए। पूजा पंडालों का सौंदर्य खिल उठा है। राज्य सरकार के निर्देशों का पालन सभी पूजा समितियों द्वारा किया गया है। इस बार बड़े पूजा पंडालों का निर्माण नहीं किया गया। भक्तों ने बाहर से ही माता के दर्शन किए। पूजा पंडाल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। श्रद्धालुओं की भीड़ न लगे, इस बात का खास ख्याल रखा गया। प्रसाद का वितरण नहीं किया गया। महासप्तमी के मौके पर पुरोहितों द्वारा पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा-अर्चना के बाद आरती का आयोजन हुआ। आरती और पूजा सुनने के लिए साउंड सिस्टम की व्यवस्था सरकार के निर्देशानुसार निर्धारित नियमों के तहत की गई थी। ज्यादातर भक्तों ने अपने-अपने घरों से पूजा-अनुष्ठान और आरती को सुना। माता को प्रणाम किया और अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं की। श्रद्धालुओं को पिछले कई दिनों से माता के दर्शन का इंतजार था। कई श्रद्धालु अपने आप को रोक नहीं पाए। पूजा पंडाल के बाहर खड़े होकर माता के दर्शन किए। परिवार के लिए माता से वरदान मांगा। लोहरदगा शहरी क्षेत्र के पतराटोली, ब्लॉक मोड़, रेलवे साइडिग, बस पड़ाव, अमला टोली, थाना टोली, हटिया गार्डन, तिवारी दूरा, महावीर चौक, राणा चौक, मिशन चौक, बीआईडी, बक्सीडीपा, बरवाटोली, शास्त्री चौक, वीर शिवाजी चौक, मैना बगीचा सहित अन्य स्थानों में माता की पूजा-अर्चना की गई। पूजा पंडालों में माता की पूजा और वंदना से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। भक्ति की धारा बह निकली है। श्रद्धालु माता के दर्शन को लालायित नजर आए। शहर के दुर्गा बाड़ी में भी पारंपरिक रूप से महासप्तमी की पूजा-अर्चना की गई। यहां पर भी निर्धारित संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी पूजा पंडालों में माता के दर्शन करने के लिए आने वाले लोगों को पहले सैनिटाइजर और मास्क को लेकर निर्देश दिए गए। जो लोग बिना मास्क और सैनिटाइजर के पहुंचे थे, उन्हें पूजा पंडाल के करीब भी नहीं आने के लिए दिया गया। सभी पूजा पंडालों का अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बिजली व्यवस्था को बेहतर रखा गया है। साफ-सफाई को लेकर भी नगर परिषद के सिटी मैनेजर विजय कुमार के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। पूजा पंडालों के आसपास क्रेशर डस्ट डालकर आसपास सफाई कराई गई। पुरोहितों के वेद मंत्रों के उच्चारण से पूरा वातावरण माता के रंग में रंग गया है। छोटी-छोटी बच्चियां जैसे माता का रूप नजर आ रही हैं। बुधवार को महाअष्टमी की पूजा-अर्चना की जाएगी। जबकि गुरुवार को महानवमी का त्योहार मनाया जाएगा। पूजा-अर्चना को लेकर व्यापक रूप से तैयारी की गई है। सरकार के निर्देशों का खास तौर पर ख्याल रखा गया है।