पाकुड़ ( लिट्टीपाड़ा ) । बुधवार को बीते दिन थाना क्षेत्र के दुमका पाकुड़ मुख्य सड़क चितलो के समीप सोमवार को प्रधान सोरेन व उनकी पत्नी मरांगमय मरांडी की अज्ञात वाहन के चपेट मे आने से दोनो मौत हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार लिट्टीपाड़ा के सप्ताहिक हटिया से सोमवार को प्रधान सोरेन 32 व पत्नी मरंगमय मरांडी 27 अपने साइकिल से अपना घर सुरजबेडा आ रहा था की अचानक चितलो के समीप अज्ञात वाहन के चपेट में आ गया जिससे मरांगमय मरांडी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।वही पति प्रधान सोरेन गंभीर रूप से घायल हो गया था स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अभिषेक राय, एसआई शंभू पंडित, एएसआई परशुराम सिंह सहित पूरे पुलिस बल पहुंचकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिट्टीपाड़ा लाया गया था ।जहां डॉक्टरों ने मरांगमय मरांडी 27 को मृत घोषित कर दिया था ।वही गंभीर रूप से घायल प्रधान सोरेन 32 को प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज हेतु पाकुड़ रेफर कर दिया मंगलवार को ईलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार में मातम छा गयी ।पुलिस ने अज्ञात वाहन जिसका संख्या जेएच 16बी 8094 को जब्त कर दिया गया है। थाना मे अज्ञात चालक के विरुद्ध 86/21 मामला दर्ज की गई है। और पुलिस आगे की कारवाई मे जुट गई।मृतक के भाई मारसेल सोरेन ने लिखित आवेदन देकर अज्ञात चालक तथा वाहन मलिकों के ऊपर कारवाई की माँग की ।तथा उचित मुवाजा देने की माँग की गई है।

बुधवार को सुरजबेड़ा ग्रामीणों ने उचित मुवाआ माँग को लेकर दुमका-पाकुड़ मुख्य सड़क को दिन के समय 1 बजे से शाम 4 बजे तक सड़क पर शव रखकर को रखकर जोरदार रोड जाम किया गया।परिजनों व ग्रमीणों ने उचित मुवाआ के लिए करीब चार घंटे तक सड़क को जामकर रखा गया।सड़क की दोनो ओर गाड़ियों की भीड़ देखते ही देखते लग गई।गाड़ी की भीड़ दोनों ओर 500-500 मीटर दूरी तक कतार लगी रही है। बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम से दांडधिकारी प्रदीप कुमार टुडू ,थाना प्रभारी अभिषेक राय पहुंच कर व पूर्व संसद सोम मरांडी के मौजूदगी में लिखित आश्वासन देकर ग्रमीणों को समझा बुझाकर जाम को हटवाया गया।ग्रामीण व परिजनों उचित मुवाआ के लिए चार घंटे तक आड़े रही।तत्काल 20 हजार रुपये मुवाआ नगद दिया गया। पाँच बचों को मुक्त शिक्षा, प्रति बचों को 25 किलो करके प्रति महीने अनाज देने,परिजनों को दो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने तथा बाद मे 60 हजार रुपये देने की बात, लिखित आश्वासन के बाद जाम को हटाया गया।