हजारीबाग । राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप भाई वर्मा ने कहा कि अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा नामक सामाजिक संस्था का 1906 मे स्थापित और 1912 का निबंध एक सामाजिक संस्था है और रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पश्चिम बंगाल कोलकाता से निबंधित है, जिसका निबंधन संख्या 2145/1912 है। एक पक्ष का नेतृत्व पूर्व मंत्री बिहार सरकार विधायक डॉ प्रेम कुमार कर रहे हैं जो कि चुनाव करवा कर चुनाव में बहुमत प्राप्त कर राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी प्राप्त किए थे। जब की दूसरे पक्ष का नेतृत्व पूर्व मंत्री झारखंड सरकार एवं वर्तमान विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी के सुपुत्र ईश्वर सागर रामचंद्र चंद्रवंशी कर रहे हैं इनके अलावा भी कई और लोग इस संस्था का अध्यक्ष महामंत्री विभिन्न स्तरों पर होने का दावा कर रहे हैं।

3 मई 2017 को कोर्ट ने यह आदेश दे रखा है की कोई भी पक्ष अगर चुनाव कराता है तो वह चुनाव परिणम कि घोषणा नहीं कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा। जब तक संबंधित न्यायालय के द्वारा अनुमति नहीं दी जाती है!
2 अक्टूबर को बड़ा बाजार जैन भवन हजारीबाग में गुप्त रूप से सुदेश कुमार चंद्रवंशी के द्वारा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव बोकारो जिला निवासी जगरनाथ राम को प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए रांची निवासी इंद्र राजन प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है और सुदेश कुमार चंद्रवंशी झारखंड प्रदेश संयोजक की घोषणा खुद को घोषणा किया गया है यह चुनाव गलत है महासभा के संविधान में कहीं भी प्रदेश संयोजक का कोई पद नहीं है ना ही कोई प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष का सुदेश चंद्रवंशी के द्वारा बनाई गई झारखंड के जितने में जिलों में जिला अध्यक्ष की घोषणा की गई है वह अवैध है इनके द्वारा सिर्फ अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए कुछ चुनिंदा लोगों को लेकर गुप्त रूप से फर्जी तरीके से कमेटी बनाई जा रही है जो महासभा के संविधान के विरुद्ध है चंद्रवासियों को गुमराह करने के लिए एक बैठक भी रखा है जो पूर्णता गलत है हजारीबाग के चंद्रवंशी इसका विरोध कर रहे हैं । किंतु अगर वह महासभा के अध्यक्ष के रूप में हजारीबाग के धरती पर कुछ करना चाहेंगे तो इसका सीधा विरोध होगा।