चाईबासा । चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक और जहां कल देर रात तक मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता रहा, वहीं लोग विजयदशमी पर एक दूसरे को बधाई भी देते रहे।इधर जिले के जनजातीय समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला दसाएं करमा पर्व भी मनाया जा रहा है। जनजातीय समुदाय के लोग विजयदशमी की रात को इसका आयोजन करते हैं और एक दूसरे से मिलजुल कर नाचते गाते हुए खुशियां बांटते हैं। दूसरी ओर जिले के चक्रधरपुर में पुरातन काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार आदि दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कल रात कर दिया गया। रजवाड़ों के समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमा को कंधे पर उठाकर विसर्जन के लिए ले जाया जाता है और साथ चलने वाले लोग मशाल लेकर चलते हैं। इस विसर्जन की भव्यता देखने को लोग दूर-दूर से जुटते हैं। हालांकि कोविड दिशानिर्देशों के बावजूद इस बार लोगों की भीड़ अनुमान से ज्यादा जुट गई, जिसको लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।मालूम हो की चक्रधरपुर का एतिहासिक आदि दुर्ग पूजा विसर्जन को देखने के लिए लोग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे स्थानीय लोग चक्रधरपुर आते है।मशाल जुलूस की परम्परा पिछले 165सालों से महाराजा अर्जुन सिंह देव की द्वारा शुरू की गयी थी।जो विजयदशमी के दिन जीवंत होती हैं।