बजट में और चुनावी घोषणा- पत्र में कोई अंतर नहीं है : रामचंद्र गिरि

लोहरदगा l जिला आजसू के प्रवक्ता रामचंद्र गिरि ने हेमंत सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2022- 23 के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बजट में और चुनावी घोषणा- पत्र में कोई अंतर नहीं है | इसमें सिर्फ लंबे- लंबे वादे किए गए हैं जो कभी पूरा नहीं होंगे| उन्होंने कहा कि पिछले बजट में ही प्रधानमंत्री आवास योजना मद में हेमंत सरकार ने लाभुकों को ₹50,000 राजकीय कोष से देने की बात कही थी ।इस संबंध में वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव को बताना चाहिए था कि कितने लाभुकों को यह घोषित राशि दी गई | साथ ही यह भी बताना चाहिए था कि कितने छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कम दर पर एजुकेशन लोन दिया गया और तो और इस बजट में किसानों के लिए कुछ खास दिखता ही नहीं और ना ही बेरोजगारों को रोजगार देने जैसी कोई बात है। रामचंद्र गिरि ने कहा कि यह बजट भी झारखंड की जनता को सिर्फ लॉलीपॉप दिखाने जैसी साबित होगी | इस वजट से जन-कल्याण कम,नेता और अधिकारियों का कल्याण अधिक होगा, झूठ तंत्र और लूट तंत्र का अप्रत्याशित विकास होगा । 1 लाख 1 हजार 1 सौ करोड़ का यह बजट विकास के नाम पर जनता का मुंह चिढ़ाती रह जाएगी । वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव द्वारा कहे गए बजट भाषण के वाक्य जिसमें उन्होंने कहा है कि जनता की इच्छा के अनुसार राजा को काम करना चाहिए, इस वाक्य पर टिप्पणी करते हुए रामचंद्र गिरि ने कहा कि लोकतंत्र में कोई राजा नहीं होता । वित्त मंत्री को खुद को राजा कहने से बचना चाहिए यह एक तरह से लोकतंत्र का अपमान है ।

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