पाकुड़ । बारह रबीउल के मोबारक मौके पर मंसूरी टोला स्थित मदरसा अहले सुन्नत गौसिया अशरफिया में मिलादुन नबी का आयोजन किया गया । बुधवार को देर शाम नमाज मगरिब मिलाद का आगाज़ मदरसा के हाफिज इस्लामुद्दीन ने कुरान के तलावत से किया। मौलाना रियाज़ साहब ने नबी के शान में नात का नजराना पेश किया और नबी के हयात जिंदगी पर रोशनी डाली । उन्होंने कहा कि नबी का हर काम हम इंसानो के लिए एक सबक है । दुनिया और आखरत को सँवारना है तो नबी के बातो पर अमल करते हुए अपनी जिंदगी को गुजरे ।हरिण डंगा जामा मस्जिद के इमाम मुफ़्ती व हाफिज जमील अहमद मिस्बाही ने अपने तकरीर में कहा कि इल्म का हाशिल करना हर मोमिन मर्द और औरत पर फर्ज करार दिया गया है। अगर मजहबे इस्लाम को समझना है तो इल्म का होना जरूरी है। इल्म अच्छे बुरे में तमीज करती है। हमारे नबी ने भी इल्म के सीखने और सीखने पर जोर दिया है । उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा आमाल कुरान का पढ़ना और पढ़ना है । अपने बच्चों को दिनी तालीम से नवाजे । तभी तो वह अपने दिन इस्लाम और नबी के फरमान पर अमल कर पायेगा ।मिस्बाही ने कहा की ये बारह रबीउल का माह बहुत ही मुबारक है जिसमे हमारे आखरी नबी मोहम्मद साहब को अल्लाह ने पूरी दुनिया के लिए रहमत बना कर भेजा है। मिस्बाही ने लोगो से अपील की कि नबी के सुन्नत नमाज को कायम करे । बेशक नमाज हर बुराई से रोकती है ।मिलाद के आखिर में पूरी दुनिया मे अमन चैन के लिए दुआ की गई । मौके पर नूर आलम ,सलीम ,जहीर ,वार्ड पार्षद रियाज़ अंसारी , सहजाद ,जैनुल अबेद्दीन ,मनवर ,समीर समेत दर्ज़नो नोजवान ,बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे।