61 वर्षों से मनाया जा रहा है पुलिस स्मरण दिवस

थाना प्रभारी सहित पुलिस अधिकारियों ने शहीद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

सिमडेगा ( बानो ) | सिमडेगा जिला के बानो प्रखंड के अंतर्गत बानो थाना परिसर में झारखण्ड पुलिस की ओर से गुरुवार को पुलिस संस्मरण दिवस मनाया गया।इस दौरान बानो थाना परिसर के प्रांगन में बानो थाना प्रभारी प्रभात कुमार के द्वारा शहीदों के फोटो पर पुष्प अर्पित करते हुए उनके प्रतिभाओं को याद किया गया।बानो थाना प्रभारी प्रभात कुमार के द्वारा शहीद सम्मान समारोह के मौके पर अमर बलिदान देने वाले पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। मौके पर थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने कहा कि शहादत देने वाले पुलिस पदाधिकारी और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।उन्होंने कहा कि हम उन शहीद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को याद कर रहे हैं,जिन्होंने समाज में शांति व विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए उग्रवादियों-अपराधियों से लोहा लेते हुए देश के लिए अपना बलिदान दिया है।जानकारी के अनुसार पूरे देश में एक साल के भीतर अभी तक 67 पुलिस पदाधिकारियों-कर्मियों ने कर्तव्य के दौरान अपनी शहादत दी है।इनमें चार पुलिस पदाधिकारी- कर्मी झारखण्ड के हैं।कार्यक्रम में डीजीपी के अलावे के वरीय पुलिस अधिकारी शामिल हुए।आप सभी को ज्ञात हो कि बानो थाना में पदस्थापित थे सब इंस्पेक्टर विद्यापति सिंह जो कि 2017 में एक घटना हमारे बानो थाना क्षेत्र के महाबुआंग के रायका में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे,विद्यापति सिंह, तुराम बिरूली आदि शहीदों के वीरगाथा बताते हुए श्रद्धांजली दी। उन्होंने कहा कि हमें अपने शहीदों पर नाज है।साथ ही बानो थाना प्रभारी ने जवानों को मार्गदर्शन देते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 1959 में लद्दाख में तीसरी बटालियन की एक कंपनी को भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख में ‘हाट-स्प्रिंग‘ में तैनात किया गया था।कंपनी को टुकडिय़ों में बांटकर चौकसी करने को कहा गया। जब बल के 21 जवानों का गश्ती दल ‘हाट-स्प्रिंग’ में गश्त कर रहा था। तभी चीनी फौज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया।तब बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए 10 शूरवीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। बीते 61 साल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के इन बहादुर जवानों के बलिदान को देश के सभी केंद्रीय पुलिस संगठनों व सभी राज्यों की सिविल पुलिस द्वारा ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।