हजारीबाग। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सफलता का परचम लहरा रहे हैं। यहां के विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार और रोजगार के दृष्टिकोण से नए-नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रहे हैं। कई निजी और सरकारी संस्थानों में वर्तमान समय में विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी सेवा देकर सफल राह की ओर अग्रसर हैं। ऐसे ही नामों में अब 4 छात्रों का नाम और जुड़ गया है, जिन्होंने आईसेक्ट विश्वविद्यालय से योग में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कर बतौर योग संरक्षक वियतनाम की राजधानी हेनोई में सेवा दे रहे हैं।
इस बाबत विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने बताया कि चारों छात्र जिसमें बिट्टू शर्मा, सानू बिरूली, अमित कुमार महथा व राहुल कुमार के नाम शामिल हैं,  सभी विद्यार्थी काफी लगनशील और मेहनती थे। यही वजह है कि विश्वविद्यालय के बेहतर मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विदेशों में सेवा देकर केवल विश्वविद्यालय का ही नहीं बल्कि अपने परिवार, क्षेत्र व राज्य के साथ-साथ देश का भी नाम रोशन किया है। डॉ गोविंद ने बताया कि आईसेक्ट विश्वविद्यालय का लक्ष्य युवाओं को सक्षम और प्रोफेशनल बनाना है। यही कारण है कि आईसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न विषयों में व्यवसायिक कोर्स भी चलाए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी और कौशल के क्षेत्र में भी महारत हासिल कर उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपने उद्देश्य के अनुरूप कार्य करने की वजह से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए आइसोचम अवार्ड, नेशनल एजुकेशन अवार्ड-2019, झारखंड की शान सहित दर्जनों अवार्ड से विश्वविद्यालय को सम्मानित किया जा चुका है।
वहीं विश्वविद्यालय के योग विभाग के एचओडी मनीष कुमार ने कहा कि योग की शिक्षा महज़ औपचारिक नहीं बल्कि योग शिक्षा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक तौर पर सशक्त बनाने का माध्यम है। विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं व कर्मियों ने वियतनाम में कार्यरत सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है।