चाईबासा। जेमा हाईबुरू कांग्रेस पार्टी से 2018 में जुड़ी थी और बहुत ही कम समय में उन्होंने संघर्ष के बलबूते लोगों के दिल पर अमिट छाप छोड़ी थी। उन्हें राज्य स्तरीय धनबाद ट्रेनिंग के दौरान ध्वज फहराने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था।एक महिला होने के नाते घर परिवार में संघर्षशील जीवन जीते हुए भी उन्होंने सेवादल के राष्ट्रीय अधिवेशन अजमेर के कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राहुल गांधी के भाषण को बहुत ध्यान से सुना था। वहां से लौटने के बाद बहुत ही ऊर्जावान तरीके से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ बैठक करते हुए पार्टी को मजबूती देते हुए लोगों के समस्याओं को समाधान करने की दिशा में सहयोग करती थी। उनका जीवन महिलाओं के लिए प्रेरणा है वह समाज के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना रखती थी जहां कांग्रेस पार्टी महिलाओं को भरपूर अवसर देते हुए आगे बढ़ाने का विचार रखती है वैसे मैं उन्होंने भी अपने क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करने का मन बना लिया था ताकि और महिलाएं भी आगे बढ़कर समाज को दशा दिशा देने में अपना योगदान दे सकें। परंतु उनके लंबे अवधि तक तबियत बिगड़ती गई और सेवादल के साथियों के अथक प्रयास के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।एमजीएम में गत दिनों प्रातः सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए और उनके द्वारा किए गए कार्यों को साझा करते हुए शनिवार उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।मौके पर कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई, सेवादल मुख्य संगठक लक्ष्मण हासदा, सांसद प्रतिनिधि त्रिशानु राय, सेवादल के सुगना सामड, शुभ दिया बोयपाई एवं सुशील दास,कार्तिक बोस मुख्य रूप से उपस्थित थे।