लोहरदगा l शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर लोहरदगा में संस्कृति बोध परियोजना की सफलता हेतु कक्षा अष्टम, नवम एवं दशम के अध्यनरत भैया /बहनों के अभिभावकों का सम्मेलन आयोजित किया गया । उपस्थित अभिभावकों को विद्यालय की योजनाओं की जानकारी दी गई । सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कृति का अन्योन्याश्रय सम्बन्ध है ।अतः इसी संस्कृति के व्यापक प्रसार हेतु संस्कृति बोध महा अभियान की आवश्यकता हुई ।आप सभी इस कार्य में सम्मिलित होकर सहयोग करें ,ऐसी अपेक्षा है । कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यालय के आचार्य एवं लोहरदगा संकुल के संस्कृति बोध प्रमुख गोरख पांडे ने अपना विचार रखते हुए इस योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वनवासी कल्याण आश्रम के कृपा प्रसाद सिंह ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि हमारी पूजा पद्धति , छठी, बरही, गीत-संगीत आदि को बचा कर रखें ,क्योंकि यही सब हमारी संस्कृति के अंग हैं । अभिभावक प्रतिनिधि शोभा देवी ने कहा कि जैसे महिलाएं अपने बच्चों का लालन पालन करती है उसी प्रकार महिलाएं ही संस्कृति का भी लालन-पालन करती है ।हम सभी अपने परिवार में संस्कृति का पालन करें ।विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार उपाध्याय ने संस्कृति बोध परियोजना की अखिल भारतीय योजना को बताते हुए अभिभावकों से इसमें पूर्ण सहयोग करने के आग्रह किया । संस्कृति बोध परियोजना के सम्मेलन में उपस्थित सभी अभिभावकों से स्वयं सम्मिलित होकर एवं अपने पड़ोस के व्यक्तियों को सम्मिलित कराने का आग्रह किया । गुमला विभाग के विभाग निरीक्षक अखिलेश कुमार ने अपने वक्तव्य में अपनी संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला । रामचरितमानस का उदाहरण देते हुए कहा कि एक पुत्र को पिता ने आदेश भी नहीं दिया था ,केवल जानकारी के आधार पर श्रीराम वन चले गए । अपने भारतीय संस्कृति ही सबसे महान संस्कृति है, इसका अनुपालन हम सभी को करना चाहिए । विद्या भारती के विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार एवं संस्कृति की जानकारी दी जाती है ।इस सम्मेलन में मनोहर लाल अग्रवाल इंटर महाविद्यालय के प्राचार्य उत्तम मुखर्जी , पतंजलि के शिवशंकर सिंह सहित अभिभावक एवं शिक्षक -शिक्षिकाएं उपस्थित थे । शांति मन्त्र के बाद सम्मेलन समाप्त हुआ ।