कैरो/लोहरदगा l झारखंड अधिविद्य परिषद रांची ने इस वर्ष राज्य में दो चरणों में मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। परीक्षार्थियों को नये पाठ्यक्रम को ध्यान से समझ कर नियमित अध्ययन जारी रखनी चाहिए।सभी विषयों की संतुलित तैयारी कर ही अधिकतम अंक अर्जित किया जा सकता है। उपर्युक्त बातें नवनियुक्त माध्यमिक शिक्षक संगठन लोहरदगा जिलाध्यक्ष अलीरजा अंसारी ने आज मीडिया से बात करते हुए कहीं। परीक्षा के संबंध में विशेष जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जैक द्वारा प्रथम चरण की परीक्षा दिसंबर एवं द्वितीय चरण की परीक्षा मार्च-अप्रैल में लेने का कार्यक्रम है। परीक्षार्थी यह ध्यान में रखें कि कोरोना संक्रमण के कारण पहले ही 25 प्रतिशत सिलेबस कम किया जा चुका है। अब बाकी बचे पाठ्यक्रम को दो भागों में बांटकर दोनों चरणों की परीक्षा ली जाएगी।अत: यह बेहद जरूरी है कि प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण में विषयवार किन-किन पाठ, अध्याय से प्रश्न पूछे जाएंगे, इसकी स्पष्ट जानकारी परीक्षार्थियों को हो। यह तय है कि पाठ्यक्रम को अच्छे से समझे बिना मैट्रिक, इंटर ही नहीं अपितु किसी भी परीक्षा में बढ़िया स्कोर करना बहुत मुश्किल है। दोनों चरणों की परीक्षा पैटर्न की विस्तृत जानकारी देते हुए श्री अंसारी ने कहा कि प्रथम चरण की परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी और इसके सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। प्रश्नों को हल करने के लिए डेढ़ घंटे का समय दिया जाएगा। वहीं दूसरे चरण की परीक्षा में बहुविकल्पीय, अतिलघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय यानि सभी प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। दूसरे चरण की परीक्षावधि दो घंटे की होगी। यहां यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि दोनों चरणों की परीक्षा 40-40 अंकों की होगी। जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होती है उनमें 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होगा। दोनों ही चरण की प्रायोगिक और आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा एकसाथ ही ली जाएगी। विद्यार्थियों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट को बहुत ध्यान से भरें।सकारात्मक उर्जा के साथ नियमित रूप से सैंपल सेट (आने के बाद) हल करें। विषयवार अपनी पकड़ को ध्यान में रखकर परीक्षा की तैयारी के लिए समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा का अंतिम परिणाम दोनों चरणों की परीक्षाओं के अंकों को आधार बनाकर किया जाएगा और यदि किसी कारणवश दूसरे चरण की परीक्षा नहीं हो पाती है तो प्रथम चरण की परीक्षा में प्राप्त अंक के आधार पर ही परीक्षाफल प्रकाशित किया जाएगा। इस लिहाज से दिसंबर में होने वाली प्रथम चरण की परीक्षा काफी महत्वपूर्ण है।