साहिबगंज | बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत मेन रोड स्थित झारखंड सेवा सदन हॉस्पिटल में बीते दिनों मोतियाबिंद के नाम से प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत करीब 12 लोगों का आंखों का ऑपरेशन पश्चिम बंगाल से आए डॉक्टर द्वारा कराया गया था।जिसके बाद सभी पीड़ित मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई।अस्पताल द्वारा किए गए इस गंभीर लापरवाही की वजह से इंसान के शरीर के एक सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य अंग को झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा नेत्रहीन बना दिया गया।जिसके बाद पीड़ित मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।खबर प्रकाशित होने के बाद जिला चिकित्सा पदाधिकारी एवं झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए साहिबगंज जिला उपायुक्त रामनिवास यादव जिला चिकित्सा पदाधिकारी अरविंद कुमार को गंभीरता से मामले की जांच कर अति शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिए गए थे। जिसकी जानकारी सुबह के स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर दी थी। इसी संदर्भ में रविवार को बरहरवा नगर पंचायत अंतर्गत झारखंड सेवा सदन नर्सिंग होम में पांच सदस्य डॉक्टरों की टीम पहुंची। टीम को मामले की जांच हेतु गठित की गई है ।जांच जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ.थॉमस मुर्मू के नेतृत्व में की जानी है।वहीं प्राइमरी जांच प्रक्रिया रविवार को शुरू किए गए ।जिसमें जांच टीम का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर थॉमस ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि ऑपरेशन के दौरान 12 लोगों की आंखों की रोशनी जाने के मामले पर जांच टीम यहां पहुंची है। आवश्यक पहलुओं पर जांच कर जिला चिकित्सा पदाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।24 घंटे के अंदर जाँच प्रक्रिया के बाद रीपोर्ट सभी संबंधित पदाधिकारियों को सौपी जानी है।
बता दें कि जांच टीम झारखंड सेवा सदन नर्सिंग होम एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के मैनेजर से लंबी पूछताछ की।सर्वप्रथम टीम के सदस्यों ने एच आर की जानकारी मांगी। इसके बाद पेशेंट की बीएससी की अद्यतन रिपोर्ट मांगी। फिर रोशनी खो चुके मरीजों की संख्या और उसका नाम पता तथा मोबाइल नंबर मांगा।जिसको अस्पताल प्रबंधन छुपा रहे हैं।