ना जान देंगे ,ना जमीन देंगे और अपना अधिकार लेकर रहेंगे : सुखदेव भगत

लोहरदगा। नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना रद्द करने ,आदिवासी विस्थापन के खिलाफ, आदिवासियों को उसका अधिकार दिलाने की मांग को लेकर विगत 28 वर्षों से नेतरहाट के टुटूवापानी में केंद्रीय जन संघर्ष समिति के द्वारा अहिंसक आंदोलन किया जाता है उसी क्रम में बुधवार को 245 गांव के ग्रामीणों का विशाल दो दिवसीय सत्याग्रह समाप्त हुआ। इस कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लोहरदगा के पूर्व विधायक सुखदेव भगत मुख्य रूप से उपस्थित थे। मौके पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि विगत 28 वर्षों से इस क्षेत्र की जनता नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना रद्द करने की मांग को लेकर अहिंसक रूप से सत्याग्रह कर रहे हैं और जब तक केंद्र सरकार नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना रद्द नहीं करती है तब तक इस क्षेत्र की जनता का आंदोलन जारी रहेगा। श्री भगत ने कहा कि सत्याग्रह केs माध्यम से आदिवासियों के जीवन का अधिकार ,आदिवासियों के परंपरा संस्कृति अस्तित्व की रक्षा का अधिकार, जल जंगल जमीन हमारा है उसका अधिकार के रक्षा के लिए लगातार हम लोग संघर्ष कर रहे हैं। आदिवासी सेना का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि हमें फक्र है और गर्व के साथ कहना है कि इसी क्षेत्र के रहने वाले अल्बर्ट एक्का को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। कारगिल युद्ध में भी इस क्षेत्र के तीन लोग सहादत दिए थे ।हम सब आदिवासी भाई संविधान में विश्वास करते हैं हमारे जीवन के मौलिक अधिकार को क्यों छीना जा रहा है इसका हम सब विरोध कर रहे हैं। फील्ड फायरिंग रेंज से हमारे लाखों आदिवासी विस्थापित हो जाएंगे। यह क्षेत्र पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में आती है जिसका पूरा शक्ति ग्राम सभा में है। 245 गांव में ग्राम सभा कर ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि फील्ड फायरिंग की अधिसूचना रद्द हो । ग्राम सभा के निर्णय को राज्य के संविधान के रक्षक राज्यपाल को अवगत कराया जाएगा। श्री भगत ने कहा कि ना हम जान देंगे और ना ही जमीन देंगे बल्कि हम अपना अधिकार लेकर रहेंगे इसके लिए हम आदिवासियों को अपनी एकता को बरकरार रखने की आवश्यकता है। इससे पूर्व सत्याग्रह में उपस्थित हजारों लोगों ने जुलूस निकालकर अपनी चट्टानी एकता का परिचय दिया तथा इस आंदोलन में उपस्थित सभी लोगों ने शपथ लेकर घोषणा किया कि जब तक केंद्र सरकार फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना को रद्द नहीं करता है तब तक आदिवासियों का सत्याग्रह जारी रहेगा इस कार्यक्रम में गुमला जिला, लातेहार ,लोहरदगा, रांची, जमशेदपुर सहित पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ ,उड़ीसा के लोग भी शामिल हुए थे।

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