सिमडेगा | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के तत्वावधान में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा के योजना अनुसार आज 11 वां राष्ट्रीय महिला जूनियर हॉकी प्रतियोगिता मैच के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरन प्रतिभागी खिलाड़ी बालिकाओं के बीच विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विधिक जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कहा कि खिलाड़ी बालिका देश की अमानत है। इन्हें सुरक्षित रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेवारी है। खिलाड़ी बालिकाएं यदि कानूनी रूप से जागरूक हो जाएं तो उन्हें जीवन में विभिन्न तरह की कठिनाइयों से बचाया जा सकता है साथ ही वे उज्जवल भविष्य को लेकर आश्वस्त रह सकती हैं।

पैनल अधिवक्ता तेजबल शुभम ने “यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012” के संबंध में विस्तृत जानकारी खिलाड़ी बालिकाओं को दिया।

उन्होंने यौन उत्पीड़न को विधि अनुसार ब्याख्या करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह महिला हो या पुरुष यदि किसी बालक या बालिका को गलत नियत से कोई शब्द कहता है या शरीर का भाग प्रदर्शित करता है, अश्लील साहित्य, दृश्य दिखलाता है, या बालक बालिका को सीधे या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से या मोबाइल से तथा अन्य माध्यम से बार-बार पीछा करता है, देखता है या संपर्क बनाता है एवं अश्लील कार्य के लिए प्रलोभन देता है, उसके लिए पुरस्कृत करता है तो वह यौन उत्पीड़न का “अपराधी माना जाएगा”।

यौन उत्पीड़न के लिए दंड के संबंध में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस हेतु 3 वर्ष तक की सजा और जुर्माना दोनों दंड से अपराधी को दंडित किया जाएगा। यही सजा यौन उत्पीड़न हेतु किसी को उकसाने के लिए भी निर्धारित है।

उन्होंने इस कानून के गंभीरता को उल्लेखित करते हुए बताया कि यदि बालक या बालिका की शिकायत को यदि प्राथमिकी में परिवर्तित नहीं की जाएगी तो संबंधित व्यक्ति जिसे कि इस घटना की जानकारी है वह छः महीना से एक वर्ष तक की सजा का भागी होगा।

वहीं इस कानून में गंभीर किस्म के अपराधों में न्यायालय का यह कर्तव्य बताया गया है कि वह आरोपी को अपराधी ही मानेगी जब तक अपराधी स्वयं अपने आपको निरपराध साबित ना कर दे। जो कि अपने आप में इस कानून को क्रान्तिकारी बना देती है।

जागरूकता कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त अरुण वाटर संगा, आईटीडीए डायरेक्टर सलन भूईंया, नजारत उप समाहर्ता राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्राधिकार के कार्यालय सहायक, भगवती केसरी, देशभर से आए राज्य के टीम खिलाड़ी, कोच, मैनेजर एवं हॉकी महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।