कोडरमा । हजारीबाग जिला तथा कोडरमा जिला को जोड़ने वाली बराकर नदी घाट पर बरही तथा जयनगर में प्रस्तावित 4000 मेगा वाट के अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट कि जब जब अधिकारियों में सुगबुगाहट होती है तब तक ग्रामीण इसका विरोध जताते हैं। सोमवार को भी हजारीबाग तथा कोडरमा के उपायुक्त की आने की सूचना पाकर ग्रामीण पुण: इसका विरोध जताने के लिए पपराओं में एक बैठक की। बैठक में डहुआटोला, बाराडीह, सुगा सांख, कुशाहन, दुबई, महेशमराय, कोकहराढाब, पपराओं तथा बिहारो के दर्जनों रैयतों ने भाग लिया। इस दौरान किसान सहदेव यादव ने कहा कि जब भी कहीं पावर प्लांट लगाया जाता है तो वहां के रैयतों को सिर्फ धोखा ही मिलता है। इसका जीता जागता उदाहरण कोडरमा थर्मल पावर प्लांट है। कोडरमा थर्मल पावर प्लांट में पहुंच वाले राज कर रहे हैं और जो रैयत हैं उन्हें अधिकारियों के घर बर्तन मांजने पड़ रहे हैं। तो दूसरी ओर सिर्फ रैयत धूल फांकने को मजबूर हैं। अगर तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट बरही के कुछ हिस्सों में लगाया जाएगा तो उसका एस पौंड जयनगर के नौ गांव को चुना गया है जहां सिर्फ छाई फेंका जाएगा। यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के रैयतों का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि आज जमींदारों की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं लोग रिक्शा चला रहे हैं तो कहीं लोग मजदूरी करने पर भी मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जयनगर प्रखंड के रैयतों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे जान देंगे पर अपनी जमीन नहीं। वहीं बैठक को संबोधित करते हुए अधिवक्ता रंजीत कुमार यादव ने कहा कि कोई भी प्लांट लगाने के लिए सबसे पहले वहां के रैयतों की आम सहमति लेनी होती है। यह उनके मौलिक अधिकार हैं। परंतु जब 2009 में इसकी प्रस्ताव आई थी तो अधिकारियों ने बगैर रयतों के सहमति लिए बिना इसका प्रस्ताव भेज दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा गुप्त रूप से भू सर्वेक्षण नहीं करा कर वह सीधे रैयतों से बात करें कि रैयतों का क्या विचार है? हालांकि उन्होंने कहा कि रैयतों का सिर्फ एक ही निर्णय है कि वे अपनी जान देंगे पर जमीन नहीं। बैठक को किशोर यादव, ब्रह्म देव राणा, अशोक रजक, कालीचरण यादव, प्रेम यादव, भागवत सिंह, महेश यादव आदि ने भी संबोधित किया और एक स्वर में कहा कि किसी भी परिस्थिति में अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट के लिए रैयत जमीन नहीं देंगे। बैठक की अध्यक्षता सहदेव यादव ने किया जबकि संचालन शंकर सिंह ने किया। इस अवसर पर महेश यादव, राजेश यादव, रामू यादव, अर्जुन यादव, कन्हा यादव, रामेश्वर यादव, बैजनाथ यादव, सुखदेव यादव, नागेश्वर यादव, सत्यनारायण यादव, शिव लाल यादव, मोहन सिंह सहित कई रैयत उपस्थित थे।