कोडरमा। डोमचांच प्रखंड सभागार में आंगनवाड़ी सेविकाओं के साथ ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिंह द्वारा आंगनवाड़ी सेविकाओं को बाल सरंक्षण पंजी एवं बैठक पंजी का संधारण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिसमें क्षेत्र के अंतर्गत जोखिमग्रस्त स्थिति में रह रहे 0 से 18 वर्ष के बीच के बच्चे की पहचान किया जा सके ताकि बच्चों का सही समय पर संरक्षण किया जा सके। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने सभी आंगनवाड़ी सेविकाओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने ग्राम प्रधान के साथ प्रत्येक माह बैठक करें। बाल संरक्षण सेवा योजना प्रायोजन कार्यक्रम के तहत बच्चों को पालन-पोषण एवं संरक्षण हेतु लाभंवित किये जाने के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया गया। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के जिला समन्वयक अरिवद कुमार द्वारा बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल शोषण की रोकथाम को लेकर जागरुक किया गया। इसके अतिरिक्त डोमचांच प्रखंड के तेतारियाडीह पंचायत भवन में जेएसएलपीएस के सक्रिय महिला समूह के साथ द्वारा बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल शोषण की रोकथाम हेतु जागरुकता कार्यक्रम का आयोजित भी की गयी। संरक्षण पदाधिकारी अर्चना ज्वाला द्वारा बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल शोषण के दुष्प्रभाव एंव रोकथाम हेतु गांव स्तर तक लोगों को जागरुक करने की अपील किया गया। बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी। मौके पर जिला बाल संरक्षण ईकाई के कर्मी संतोष कुमार, आउटरीच कार्यकर्त्ता मिनिया कुमारी, जेएसएलपीएस के सक्रिय महिला सदस्य व कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे।