हजारीबाग। देश व्यापी राष्ट्रीय किसान आंदोलन का 10 महीना पूरा हो चुका है। इन 10 महीनों में 700 किसान शहीद हो गए हैं और केंद्र सरकार अब तक गहरी नींद में सोई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता के अहंकार के कारण किसानों की मौत और देश में महंगाई नहीं दिख रही है जिसका जवाब आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में जनता देगी। उक्त बातें सीपीआई के प्रदेश सचिव सह हजारीबाग लोकसभा संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही। पिछले दिनों भाजपा का कार्यकर्ता सम्मेलन किया जाता है जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और किसान आंदोलन के समर्थन देने वाले राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश को भाजपाई हल उपहार स्वरूप भेंट करते हैं जो किसान आंदोलन को कुचलने के साथ-साथ राज्य की जनता के लिए दुर्भाग्य की बात है। भाजपा के नरेंद्र मोदी सरकार प्रारंभ से ही कॉरपोरेट घरानों के साथ अपने बेहतर संबंध स्थापित किया है ना ही कभी किसानों के बारे में कोई चिंता की और ना ही उनके भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश किया जिससे आज देश हाशिए पर खड़ा है क्योंकि भारत किसानों का देश है और देश का मुखिया किसानों की समस्या समझने को तैयार ही नहीं है। मेहता ने कहा कि 700 किसानों में से लखीमपुर खीरी में आंदोलन पर बैठे किसानों पर यूपी सरकार के मंत्री के कुपुत्र अपनी वाहन को दौड़ा देता है जिससे किसानों की मौत हो जाती है और यूपी सरकार कभी संज्ञान लेने की कोशिश नहीं की बल्कि संरक्षण देकर उसे बचाया। पूर्व पूर्व सांसद ने कहा कि आरक्षण के मामले में पिछड़ों के साथ 2014 से भाजपा की सत्ताधारी केंद्र सरकार अनगिनत अवधारणाएं बदली हैं जिसका शिकार संपूर्ण देश हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी आरक्षण के हित में बनने वाले कानून में बदलाव कर झारखंड की जनता को त्रस्त कर दिया जिसके कारण आज उन्हें केंद्र सरकार की नौकरियों में बहाली के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ता है।