हजारीबाग। विज्ञान भारती एवं डीएवी स्कूल के तत्त्वावधान में आयोजित अमृत महोत्सव का उद्घाटन विनोबा भावे विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर कुलपति ने भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर के स्थापना दिवस के अवसर पर महान वैज्ञानिक होमी जहाँगीर भाभा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एपीजे अब्दुल कलाम सहित उन सभी वैज्ञानिकों के प्रति आभार प्रकट किया जिन्होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीएवी के प्राचार्य अशोक कुमार ने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के दौर में जगदीश चंद्र बसु, सी. बी रमण प्रफुल्ल चंद्र राय जैसे अनेक वैज्ञानिक हुए जिन्होंने उल्लेखनीय आविष्कार किए। ये वैज्ञानिक आत्म सम्मान के साथ साथ राष्ट्र गौरव की लड़ाई भी लड़ रहे थे। समारोह से ऑनलाइन जुड़े मुख्य वक्ता सहस्रबुद्धे ने कहा कि भौतिकी के शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने अपना वेतन लेने से इसलिए इंकार कर दिया था क्योंकि उन दिनों भारतीय शिक्षकों को अंग्रेज शिक्षकों की तुलना में दो तिहाई कम वेतन दिया जाता था।