चाईबासा। झारखंड सरकार द्वारा 2002 में निकाले गए विज्ञापन के आधार पर नियुक्त होने वाले शिक्षकों की नियुक्ति में रह गई विसंगति को दूर करने के लिए महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री श्रीमती जोबा माझी ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड सरकार के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर विसंगति का निराकरण करने को कहा है।मालूम रहे कि विगत 16 अक्टूबर को झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ पश्चिमी सिंहभूम ज़िला इकाई की ओर से एक मेमोरेंडम मंत्री श्रीमती माझी को सौंप कर विसंगति से अवगत कराया गया था. जिसके आलोक में बताया गया कि झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2002 में विज्ञापन निकालकर प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई..जिसमें दो चरणों में दो अलग-अलग सूची के आधार पर शिक्षक बहाल किए गए..पहली सूची के शिक्षक 2004 में बहाल हुए, जिन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया गया।परंतु एक ही विज्ञापन के आधार पर दूसरी सूची में वर्ष 2005 में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को नई पेंशन योजना से जोड़ दिया गया. इस बड़ी विसंगति के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक पुरानी पेंशन योजना से वंचित रह गए। शिक्षक संघ लगातार यह प्रयास कर रही है कि वर्ष 2005 में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए जो उनका अधिकार है। इस संदर्भ में संघ के जिला प्रधान सचिव भूषण महतो ने बताया कि मंत्री महोदया ने शिक्षकों की समस्या को बेहतर तरीके से समझी और विसंगति दूर करने के लिए उनके आप्त सचिव वेद रत्न मोहन के माध्यम से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को अवगत कराया और विसंगति का निराकरण करने का निर्देश दी है, जिसके लिए हमारा संघ उनका सदैव आभारी रहेगा. उन्होंने कहा कि 2005 में नियुक्त होने वाले शिक्षकों का अधिकार में पुरानी पेंशन योजना शामिल है।इसलिए राज्य सरकार को भी चाहिए कि इस गलती को सुधारे और शिक्षकों के हित में निर्देश एवं अधिसूचना जारी करे।