लोहरदगा l झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा लोहरदगा जिला समिति की बैठक शनिवार को जिला अध्यक्ष अश्विनी कुजूर की अध्यक्षता में हुई। मौके पर जिलाध्यक्ष कुजूर ने कहा कि झारखंड राज्य बने 20 वर्ष से अधिक हो गए, लेकिन आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। चिन्हितीकरण आयोग का पुनर्गठन तो कर दी गई है, लेकिन सैकड़ों आंदोलनकारियों का चिन्हितीकरण कार्य अधर पर लटका है। उन्होंने कहा कि कई चिन्हित आंदोलनकारियों के पेंशन बकाए राशि भी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनकारियों की मृत्यु हो गई, उनके आश्रितों का चिन्हितीकरण का कार्य भी नहीं हो पाया है।उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए गृह मंत्रालय अथवा सचिवालय में आश्रितों की पहचान के लिए अलग सेल का गठन करने की मांग की। श्री कुजूर ने कहा कि संगठन में एकजुटता से ही आंदोलनकारियों की समस्याओं का निराकरण होगा। इसलिए आप सभी एकजुट रहें। उन्होंने केन्द्रीय कार्यक्रमों को विस्तार से बताया। अगामी 01 नवंबर को केन्द्रीय समिति की बैठक, 15 नवंबर को शंख पिकेट के समीप बिरसा चौक पर उपवास सह धरना आदि की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर तक प्रशासन की ओर से प्रमाण पत्र व आई कार्ड भी निर्गत किया जा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि केन्द्रीय कमेटी का प्रयास शीघ्र रंग लाएगी, झारखंड सरकार खासकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा हमारी मांगों पर वार्ता कर आंदोलनकारियों की मांगों व समस्याओं का निपटारा करेगी। संबोधित करते हुए संयोजक प्रो. विनोद भगत ने कहा कि सरकार के संकल्प में आंदोलनारियों के लिए जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को पेंशन व सम्मान बराबर का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिन्हितीकरण प्रक्रिया में आयोग द्वारा जिला अंतर्गत सभी अंलाधिकारियों के पास वेरीफिकेशन के लिए जनवरी 2019 में भेजी गई है, जिसका रिपोर्ट अब तक प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे अंचलों के आंदोलनकारी चिन्हित होने से वंचित रह गए हैं। सरकार द्वारा ऐसा ही सम्मान दिया जा रहा है। संबोधित करने वालों में अमर किण्डो, मो. कयूम खान, नागेंद्र साहु, विशेषण भगत, रूस्तम खान, जगदीश उरांव, कृष्णा ठाकुर, सीता उरांव, तरामनी मिंज, सुशीला लकड़ा आदि शामिल थे। बैठक का संचालन रूस्तम खान ने की। बैठक में तारा खलखो, दिनेश साहू, दीपक वर्मा, दशरथ गिरी आदि शामिल थे। बैठक में सिनिटाइजर और मास्क का उपयोग तथा सोशल डिस्टेंस आदि गाइडलाइंस का पालन किया गया।