लोहरदगा l जिला के राजनीति कार्यकर्ता आलोक कुमार साहू ने भारतीय राजनीति के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके के उस वक्तव्य पर अपनी असहमति जताई है जिसमें प्रशांत किशोर ने कहा है कि भाजपा आने वाले दशकों तक राजनीति में मजबूत ताकत बनी रहेगी ।भाजपा से कई दशकों तक कांग्रेस और अन्य दलों को लड़ना होगा ।कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भ्रम में नहीं रहने की बात कही है। श्री साहू ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद पीके ने चुनावी रणनीति के अपने धंधे से संन्यास लेने का ऐलान किया था। वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात किया था । पीके कांग्रेस पार्टी में पद पाने की गुहार लगा रहे थे और जब नहीं मिला तो फिर भाजपा की तारीफ शुरू कर दी । एक और भक्त का मुखौटा उतर गया । पीके का यह वक्तव्य चुनाव रणनीतिकार टीएमसी और भाजपा के बीच पर्दे के पीछे किए समझकी ओर इशारा कर रही है। श्री साहू ने कहा कि ऐसा लगता है कि पी के भविष्य वक्ता बन गए हैं जबकि वास्तविकता यह है कि पूरे देश की जनता में बढ़ती महंगाई किसानों का काला कानून को लेकर भाजपा के प्रति काफी आक्रोश है। श्री साहू ने कहा कि प्रशांत किशोर एक कंसलटेंट (परामर्शदाता) है जिनका कोई विचारधारा नहीं होता दूसरों को भाषण देने से पहले खुद तय कर लेना चाहिए कि वह क्या है फिर भाषण दीजिए कंसल्टेड अपने आप को जितना महत्वपूर्ण मानते हैं अगर मैं और आप भी उनको इतना महत्वपूर्ण मानने लग गए तो फिर देश यह कंसलटेंट चलाएंगे।