हजारीबाग। आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग सभागार में बीते 26 अक्टूबर से मनाए जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह का समापन सोमवार को विश्वविद्यालय सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ के हाथों दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने कविता के ज़रिए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। वहीं प्राध्यापक रोहित कुमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों की ओर से नाटक के सहारे भ्रष्टाचार की वजह से हो रही परेशानियों पर बल दिया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने भ्रष्टाचार को विकास के मार्ग का रोड़ा मानते हुए कहा कि इसका हटना सामाजिक, सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ देश के विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने इस मसले पर शिक्षकों व विद्यार्थियों से राय भी जानी। डॉ ललित कुमार, नेहा सिन्हा, डॉ रूद नारायण, रोहित कुमार, पीआरओ शमीम अहमद समेत कई प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने इस पर अपनी राय रखी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए इसकी शुरुआत खुद से ही करने की सलाह दी और कहा कि ईमानदारी के बिना किया गया कार्य और जानबूझकर काम में खामियां रखना भी भ्रष्टाचार के दायरे में माना जा सकता है। इन्हीं खामियों को दूर करके भ्रष्टाचार मिटाने की ओर तेजी बढ़ा जा सकता है। डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार ने भ्रष्टाचार समाप्त की दिशा में बढ़ने के लिए जागरुकता को अहम बताया। वहीं डीन एडमिन डॉ एसआर रथ ने भ्रष्टाचार के व्यापक पैमाने को लेकर लोगों को इस ओर शिक्षित करने को महत्वपूर्ण माना। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ रोज़ीकांत ने किया। इस दौरान उन्होंने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली बुलंद आवाज़ की सराहना करते हुए खुद को भ्रष्टाचार से दूर रहने की लोगों को सलाह दी।