टाटीझरिया। क्रय विक्रय का सबसे बड़ा त्यौहार धनतेरस मंगलवार को है। इस बार धनतेरस पर ग्रह नक्षत्रों के कई शुभ संयोग बन रहे हैं। जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श के संदीप शास्त्री ने बताया कि धनतेरस खरीदारी करने का सबसे बड़ा त्यौहार है। इस दिन लोग पूरे तामझाम के साथ खरीदारी करते हैं। धनतेरस के दिन खरीदारी करने का लोगों को पूरे एक वर्ष इंतजार होता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ चीजों की खरीदारी अशुभता का प्रतीक माना गया है। अर्थात इस दिन पूरे सोच समझकर खरीदारी करनी चाहिए। इन दिन आर्थिक समस्या से निपटने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं जिससे माता लक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहे। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। आचार्य ने बताया कि इन दिन कुछ ऐसे काम कर सकते हैं जिससे हमेशा घर में बरकत रहेगी। धनतेरस के दिन खरीदारी करते समय राहु काल अवश्य देखना चाहिए। इस बार धनतेरस मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन राहुकाल अपराहन 3:00 से 4:30 तक रहेगा। राहु काल के दरमियान खरीदारी से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार खरीदारी का सबसे बढ़िया समय शाम 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक है।

धनतेरस पर ये जरूर खरीदें

शास्त्री ने कहा कि धनतेरस के दिन सुख एवं समृद्धि में वृद्धि करने वाली वस्तुओं को खरीदने का विधान है। इस दिन माता लक्ष्मी, गणेश जी एवं कुबेर से जुड़ी या प्रतीकात्मक वस्तुएं खरीदते हैं।

लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा: इस दिन लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां खरीदना शुभ माना गया है। मिट्टी या शुद्ध चांदी या सोने की मूर्ति खरीद सकते हैं। इस दिन सोना चांदी खरीदने की परंपरा रही है।
झाड़ू : धनतेरस के दिन झाड़ू की खरीदारी करने से सुख समृद्धि आती है। मान्यता है झाड़ू में लक्ष्मी का वास होता है। इस दिन प्रदोष काल में झाड़ू की खरीदारी करना चाहिए।
सोना चांदी के गहने: इस दिन सोना चांदी के गहने खरीदने की परंपरा रही है। धनतेरस के दिन सोना या चांदी से बने जेवरात खरीदना चाहिए।
नया खाता खोलें: धनतेरस पर नया अकाउंट खोल सकते हैं। यह कारोबारियों के लिए हम दिन होता है। शाम को होने वाले लक्ष्मी पूजा कारोबार के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन प्रतिष्ठानों में भगवान धन्वंतरि की पूजा करनी चाहिए।
सुपारी से भरेगी तिजोरी
शास्त्रों के अनुसार, सुपारी को ब्रह्मदेव, वरुण देव, यमदेव और इंद्रदेव का प्रतीक माना गया है। धनतेरस को सुपारी और हल्दी की खरीदारी अवश्य करना चाहिए। पूजा के बाद सुपारी, धनियां और हल्दी को तिजोरी या अलमारी में रखना शुभ माना गया है।

इन चीजों की खरीदारी से बचें

धनतेरस पर कई बार लोग जानकारी के अभाव में कुछ ऐसी भी वस्तुएं खरीद लेते हैं जो शास्त्र सम्मत नहीं मानी गई है। उन वस्तुओं को धनतेरस पर खरीदने से बचना चाहिए।
लोहे की वस्तुएं: लोहे को शनि व राहू का कारक माना गया है। इसलिए लोहे से बनी चीजों को धनतेरस पर भूलकर भी खरीदारी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से त्यौहार पर धनकुबेर प्रसन्न नहीं होते।
नोकीले व धारदार चीजें: धारदार वस्तुएं चाकू, कैची, तलवार, या कोई धारदार समान धनतेरस के दिन खरीदने से परहेज करना चाहिए।

राशि अनुसार करें खरीदारी

आचार्य ने बताया कि धनतेरस के दिन लोगों को अपनी राशि अनुसार धनतेरस के दिन खरीदारी करना चाहिए।
मेष व वृश्चिक राशि: लाल वस्त्र, मूंगा, लाल फल, तांबा व लकड़ी की वस्तुएं।
वृषभ व तुला राशि: सफेद वस्त्र, मोती, चांदी के समान व धनिया।
मिथुन एवं कन्या राशि: हरे रंग का वस्त्र, मूंग दाल, सोना व कांसे की वस्तुएं।
कर्क राशि: सफेद वस्त्र, चांदी की मूर्तियां, कसेली, लकड़ी के सामान।
सिंह राशि: तांबा व चांदी की वस्तुएं, शक्कर, नारियल तेल।
धनु और मीन राशि: पीला वस्त्र, हल्दी, सोना से बने ज्वेलरी, व कांसा का बर्तन।
मकर व कुंभ राशि: स्टील का बर्तन, कंबल, मिट्टी का कलश, हल्दी, आंवला तेल, बांस से बने झाड़ू।