लोहरदगा l सर्वधर्म के बुद्धिजीवियों-सामाजिक लोगों का प्रतिनिधिमंडल डॉ करमा उरांव के नेतृत्व में लोहरदगा विधायक सह मंत्री झारखंड सरकार डॉ रामेश्वर उरांव(आईपीएस) से उनके रांची स्थित आवास में मिला..

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 14 अगस्त 2021 को मृतक छात्रा सुरैया परवीन की हत्या हुई या पुलिस अनुसार सुसाइड जिसपर आज अढ़ाई महीना हो चुका मगर मृतक के परिजनों को अभी तक इंसाफ़ नही मिला,उल्टा पुलिस एव पुलिस के मुखबिरों द्वारा डराकर परेशान ही किया जा रहा है,हमलोगों को पता चला है कि मृतक छात्रा के कोई संदिग्ध पिता बनकर आपको दिग्भ्रमित जानकारी दे गया.मृतक छात्रा का परिवार बेहद गरीब है जो ड्राइवर पेशे से परिवार का पालन पोषण करते है.

मृतक छात्रा सुरैया प्रवीण(लोहरदगा) के घटनाक्रम के समय एक अलग ही महौल पैदा हुआ जिसपर लोहरदगा पुलिस ने एक विशेष धर्मलंबी ऊपर 221 लोगों पर एफआईआर दर्ज़ किया.इस घटना के बाद से लोहरदगा पुलिस द्वारा शिक्षित निर्दोष नौजवानों एव सभ्य समाज एव अल्पसंख्यकों की आवाज़ उठाने वालों को फ़सा कर परेशान कर रही है,इसी कड़ी में पुलिस द्वारा मुखबिरी को तेज़ कर वसूली भी हो रही है.

पिछले साल भी लोहरदगा में एनआरसी के समय सांप्रदायिक फ़साद हुआ था जिसमें 250 से ऊपर एफआईआर दर्ज़ हुआ,दर्ज़नों दुकानें जली,दर्ज़नों-दर्जन लोगों ने जेल भी खटा, जिसपर अभी तक इंसाफ़ और मुआवजा नही मिला,उस दहशत एव वसूली से लोग बाहर निकले भी नही थे और यह दूसरी मोटिवेडेड कार्रवाई.ऐसा लगता है कि लोहरदगा में सांप्रदायिक शक्तियों एव मुखबिरी से डर पैदाकर वसूली का तालमेल पुलिस से बहुत याराना चल रहा है..?

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मृतक छात्रा सुरैया प्रवीण एव लोहरदगा की घटनाओं पर उच्य स्तरीय जांच गठित कर पीड़ितों-परिजनों एव निर्दोषों को बाहर कर सीमित समय में इंसाफ़ दिया जाए,लोहरदगा पुलिस प्रशासन एव उच्य अधिकारियों को लगाकर निर्देश दिया जाए कि निर्दोषों-बेकसूरों को नही फसाया जाए,डर एव भय के माहौल को ठीक किया जाए,पुलिस मुखबिरी से बेकसूरों-निर्दोषों को फ़साने एव मुखबिरों द्वारा वसूली पर अविलंब कार्रवाई की जाए.झारखंड के सर्वधर्म-सामाजिक संगठनों एव व्यक्तित्व का एक जांच दल मृतक छात्रा सुरैया प्रवीण (लोहरदगा) एव लोहरदगा घटनाओं पर जांच करने जाएगा.

माननीय मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि मृतक छात्रा सुरैया प्रवीण(लोहरदगा) पर तो मुझे कुछ और ही जानकारी हुई है एव मृतक के संदिग्ध पिता ने कहा कि पुलिस के जांच उपरांत जो सुसाइड का मामला बताया है वह सही है,मगर आप लोग बता रहें है कि वह संदिग्ध पिता बनकर कौन था ? आप बता रहें है कि उसके पिता तो आज तक आपसे नही मिले न ही उनको यह जानकारी है,बल्कि मृतक के पिता एव उनके परिजनों ने ही पुलिस द्वारा मनगढ़ंत सुसाइड की कहानी का विरोध किया था.मृतक के पिता-माँ एव परिजन कह रहें है कि यह हत्या है….इसलिए इस मुद्दें पर मृतक छात्रा सुरैया प्रवीण(लोहरदगा) एव लोहरदगा फ़साद की उच्य स्तरीय जांच इंसाफ़ के लिए अविलंब कार्रवाई जाएगी.पुलिस द्वारा हो रही पहलू को भी देखा जाएगा,निर्दोषों को फ़साने एव वसूली बर्दाश्त नही किया जाएगा.

प्रतिनिधिमंडल में सर्वधर्म के बुद्धिजीवी- सामाजिक डॉ करमा उरांव(आदिवासी बौद्धिक अगुवा),अधिवक्ता फ़ादर महेंद्र पीटर तिग्गा,अंतू तिर्की,ज्योति सिंह मथारू,नदीम खान,भुनेश्वर केवट,ज़ेवियर कुजूर,मृतक की मां महजबीन ख़ातून,मृतक के भाई मो सैफ़ और मो शाहनवाज़ शामिल थे.