हजारीबाग । कैथोलिक ईसाई समुदाय के लोगों ने कब्रस्तान में अपने मृत प्रियजनों के कब्र पर मुर्दो का पर्व मनाया। इस आयोजन के लिए विश्वासीगण बहुत पहले से अपने मृत पुर्वजों के कब्र की साफ-सफाई,रंग रोगन करते है,लोग खुद से भी मेहनत कर कब्र की साफ सफाई और सजावट करते हैं।इस बार भी पिछले साल की तरह कोविड प्रोटोकॉल के कारण मिस्सा पूजा अनुष्ठान कब्रस्तान की जगह महागिरजाघर में दो भागों में मिस्सा पूजा हुआ।अहले सुबह मिस्सा पूजा बलिदान प्रार्थना के मुख्य अनुष्ठाता बिशप आनंद जोजो सह अनुष्ठाता पल्ली पुरोहित फ़ा अन्टोनी, फ़ा रेमंड सोरेन,फ़ा टॉमी थे मिस्सा पूजा भक्ति गीत संचालन सन्त अन्ना की धर्मबहनों ने किया,सहायता प्रदान किया प्रचारक फरदीनन लकड़ा।बिशप आनंद जोजो ने अपने संदेश में कहा कि मृत्यु अंत नही हम बाइबल के बताए बातों प्रेम ,दया और क्षमा जैसे विचार के साथ जीवन बिताना चाहिए ताकि हम मृत्यु के बाद हम अनंत जीवन मे प्रवेश कर सके हमारे कर्म जीवन के बाद भी याद किया जा सके।मिस्सा पूजा के बाद पल्ली पुरोहित फ़ा अन्टोनी अपने सहायक फरदीनन लकड़ा के साथ कब्रस्तान जा कर प्रार्थना किया और पवित्र जल से सभी कब्रो की आशीष किया इस अवसर पर ईसाई समुदाय के लोग अपने मृत परिजनों के कब्र पर फूल माला,मोमबत्ती अगरबत्ती जला कर भक्ति पूर्वक उपस्थित थे। इस अवसर पर झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष रुचि कुजुर,हॉली क्रॉस,कार्मेल,मिशनरी ऑफ चैरिटी,एफ सी सी की धर्मबहनें इत्यादि भी उपस्थित थे।जिन लोगो ने सुबह मिस्सा पूजा में भाग नही ले पाए उन लोगो ने शाम में मुख्य अनुष्ठाता फ़ा कमलेश के साथ मिस्सा पूजा में भाग लिया।