साहिबगंज ( मंडरो ) । नए जमाने के चकाचौंध कर देने वाली रौशनी सुविधाओं के बाद भी अगर लोग अपने देश मे बनने वाली मिट्टी के दिया का उपयोग करे तो इसमे देश भक्ति की एक झलक तो साफ दिखाई देती है ।इस दीपावली में लोगो ने चीन के बने इलेक्ट्रॉनिक व चकाचौंध करने वाली लाइट उपकरणों का बहिष्कार करते दिखाई दे रहे है ।इस मामले में मिट्टी के दीया व समान बनाने वाले लोगो मे एक अलग उत्साह है ।क्योंकि लगातार दो सालों से कोरोना काल को देखते हुए लॉकडाउन के अंतराल में लोग दीपावली के पर्व का खुलकर आनंद नही ले पाए थे ।मिर्जाचौकी क्षेत्र निवासी लक्छमी पण्डित मिट्टी के समान बनाने का कार्य करते है ।हालांकि बीते वर्षो में मिट्टी के समानों की मांग पर काफी गिरावट आई थी ।जिससे कुम्हार जो मिट्टी के दीया व अन्य समान बनाने का काम करते थे उनके जीवन पर काफी असर पड़ा था ।लेकिन इस बार लोगो मे एक अलग प्रकार की हर्ष दिखाई दे रही है ।दीपावली पर्व मनाने को बेताब है ।दीपावली त्योहार में मिट्टी के दीया का ही उपयोग करना चाहिए स्वदेशी पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है ।