लोहरदगा l दीपावली पर आतिशबाजी और दीये की वजह से दुर्घटनाएं भी होती है. हालांकि इनसे निपटने को लेकर अग्निशमन विभाग अपनी ओर से पूरी तरह से तैयार होता है. त्योहार में किसी प्रकार की खटास ना पड़े, इसके लिए अग्निशमन विभाग अपनी ओर से पूरी तैयारी में रहता है. लोहरदगा में भी अग्निशमन विभाग किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. लोहरदगा में अग्निशमन विभाग का कार्यालय बेड़ो मुख्य पथ पर बीएस कॉलेज के पास है. अग्निशमन विभाग के पास फिलहाल तीन अग्निशमन वाहन हैं. इसके अलावे अग्निशमन वाहन में पानी की व्यवस्था को लेकर बोरिंग भी उपलब्ध है. जिसमें मोटर लगे हुए हैं. हालांकि हाइड्रेंट की व्यवस्था अग्निशमन विभाग के पास नहीं है. इसके लिए अग्निशमन विभाग ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को पत्राचार भी किया है.अग्निशमन विभाग फिलहाल कर्मचारियों की कमी से भी जूझ रहा है. यहां आवश्यकता से 18 कर्मचारियों की है. जबकि वर्तमान में सिर्फ 7 कर्मचारी हैं. इसके बावजूद सूचना तंत्र के माध्यम से त्वरित रूप से राहत पहुंचाने को लेकर अग्निशमन विभाग तैयार है. एक अग्निशमन वाहन में दोबारा पानी भरने के लिए कम से कम 45 मिनट का समय चाहिए होता है. पानी की आपूर्ति बोरिंग के माध्यम से पूरी होती है.लोहरदगा जिले में शहरी क्षेत्र में तंग सड़कों की वजह से कई बार राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी आती है. हालांकि इन सबके बीच अग्निशमन विभाग राहत को लेकर त्वरित रूप से कार्रवाई करता है. अग्निशमन पदाधिकारी सुधीर सिंह का दावा है कि यहां पर अग्निशमन विभाग परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. जैसे ही हमें कोई सूचना मिलती है हम उस पर त्वरित कार्रवाई करते हैं. क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से लोहरदगा जिला 7 प्रखंड 353 गांव में फैला हुआ है. यहां की आबादी पांच लाख से ज्यादा है.

दीपावली के मौके पर आग लगने की दुर्घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने अपनी ओर से व्यापक तैयारी की है. अग्निशमन विभाग के पास उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर विभाग पूरी तरह से तैयार है. समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. लोगों से भी आतिशबाजी के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की गई है