लोहरदगा l जिला के राजनीति कार्यकर्ता आलोक कुमार साहू ने कहा कि हालिया उपचुनाव में भाजपा के हार के कारण केंद्र सरकार ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती किया है। सबसे ज्यादा टैक्स लेने वाले मोदी सरकार को सबक सिखाने के लिए देशवासियों को बधाई। लोकतंत्र में वोट की चोट से जनता ने भाजपा को सच का आइना दिखा दिया और इसी तरह मंगहाई बढ़ते रहेगी तो भाजपा को जनता सबक सिखाएगी । श्री साहू ने कहा कि वास्तविकता में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम साल 2014 में यूपीए सरकार के समय के कीमत के बराबर अभी होनी चाहिए क्योंकि मई 2014 में जब पेट्रोल 71-41 रुपया और डीजल 55 -50 प्रति लीटर था तब कच्चा तेल 105 -71 डालर प्रति बैरल था और आज कच्छा तेल उससे भी कम 82डॉलर प्रति बैरल है । कच्चा तेल का कीमत उस समय से आज काफी कम है बावजूद भाजपा की केंद्र सरकार ने 2014 की तुलना में पेट्रोलियम पदार्थों का दाम काफी अधिक बढ़ाया है। श्री साहू ने कहा कि 14 सीटों पर उपचुनाव हारते ही पेट्रोल और डीजल का रेट को क्रमशः 5 और ₹10 घटाना भी प्रधानमंत्री का दिवाली का तोहफा बताया जा रहा है। कांग्रेस सरकार में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9 -48 रुपया प्रति लीटर और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3.56 रुपया लीटर थी जबकि वर्तमान में मोदी सरकार ने में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 32-90 रुपया हैं जिसमें 5 रुपया कम कर 27- 90 रुपया लीटर होती है वहीं डीजल पर अभी एक्साइज ड्यूटी 31-80 रुपया हैं इसमें 10 कम करने पर या 21 -80 रुपया प्रति लीटर हो जाएगी। श्री साहू ने कहा कि मोदी जी की जुमले नहीं चलेंगे आपने जो एक्साइज ड्यूटी बढ़ाया है उसे सारा घटाना होगा।