पाकुड़ ( लिट्टीपाड़ा )। शुक्रवार को दसगोड़ा में हिल एसेम्बली पहाड़िया महासभा की बैठक बामू पहाड़िया की अध्यक्षता में सरदार जबड़ा पहाड़िया के नेतृत्व में ग्राम प्रशासक समिति समूहों, जिसमें प्रधान,गोड़ायत,नादो,भोगदोराजा,नवयुवक संघ एवं समिति के महिला पुरुष सदस्य उपस्थित हुए। बीर बाबा जबरा पहाड़िया (तिलका मांझी) की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया है ।और एक मिनट का मौन रख कर शांति के लिए प्रार्थना किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों ने अपना बहुमूल्य विचार व्यक्त किया गया ।ग्रामीण आदिवासी समाज के लिए संविधान प्रदत्त शक्तियों का क्षति पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
जबकि संताल परगना काश्तकारी ( अनुपूरक ) अधिनियम 1949 बना और भारतीय का संविधान , नौवीं अनुसूची के क्रमांक 210 मे दर्ज हुआ। । लेकिन आज हमारे उपर संवैधानिक हमले हो रहे हैं। पावर पर हमले हो रहे हैं। जब कि spt Act , 37/ 1855 में प्रदत्त शक्तियों के तहत् जिला के मालिक का उपायुक्त उल्लेखित है। लेकिन आज उपायुक्त-सह-दण्ड अधिकारी का उपयोग होना भी संवैधानिक हमले हैं । यह अनुसूचित क्षेत्रों में यह शब्द असंवैधानिक है यह संवैधानिक हमले हैं।
अनुसूचित क्षेत्रों में हो रहे हमले और छीने जा रहे अधिकारों को रोकने के लिए ही संसदीय कानून पंचायत के उपबंध PROVISION OF THE PANCHAYAT ( EXTENSIONTO to the SCHEDULED AREAS) Act, 1996 ) प्रशासक और नियंत्रण करने की शक्ति प्रदत्त है तथा 23 प्रावधानों के साथ पी0 पेसा 1996 बनाया गया है। इसके अनुपालन प्रावधानों के लागू कराना हमलोगों का लक्ष्य है।
अब हमें जरूरत है कि संसदीय कानून के प्रावधानों के अनुपालन में नियमावली प्रक्रिया पूरी होने अनुसूचित क्षेत्रों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर रोक लगाना।
बैठक में विनोद पहाड़िया, बोबे पहाड़िया,सरदार जबडा पहाड़िया,सरदार नारना पहाड़िया,सरदार शुकदेव देहरी, सीताराम पहाड़िया नायब ,रमेश पहाड़िया , नायब सोनिया पहाड़िया,रमेश पहाड़िया, कालू पहाड़िया डुमरचीर, जबड़ा पहाड़िया मालीपाडा, जयप्रकाश पहाड़िया आदि।