चतरा | पत्थलगड्डा प्रखण्ड में इन दिनों वन क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे हरे वृक्षो की अवैध कटाई से जंगल विरान हो रहे हैं। प्रत्येक वर्ष पौधरोपण के नाम पर विभाग की ओर से लाखों पेड़ तो लगाए जाते हैं। लेकिन अधिकांश पौधे जंगलों में नजर नहीं आते। बचेखुचे पेड़ भी विभाग की उदासीनता के चलते प्रति वर्ष आग की भेंट चढ़ जा रहे हैं।
वहीं सिंघानी , नावाडीह , बरवाडी, नोनगांव ,मेराल पंचायत के अन्य क्षेत्रों में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर लोगों खेती-बारी तक किया जा रहा है। गांव में वन भूमि पर न सिर्फ कब्जा किए गए हैं मजे की बात तो यह कि वनों की रखवाली के बावजूद भी जंगलों से प्रतिदिन हरे व सूखे पेड़ धड़ल्ले से काटे जा रहे है। अवैध वनों के कटाई से न सिर्फ प्राकृतिक संपदा की छति हो रही है। बल्कि क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन की वजह से बरसात में भी तेजी से गिरावट आ रही है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लापरवाह बने हुए हैं। सूत्रों की मानें तो पेड़ों की कटाई होते समय ही वनकर्मियों को खबर रहती है लेकिन मौके पर कोई वनकर्मी नहीं पहुंचता। जिसकी वजह से अवैध कटान में लगे लोगों के हौसलें बढ़े रहते हैं। समय रहते वनों की कटान पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में जंगल का आस्तीत्व खत्म होने से इनकार नहीं किया जा सकता।