लोहरदगा l लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर लोहरदगा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजार में सूप-दौरा और पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। सोमवार को नहाय-खाय अनुष्ठान के साथ शुरू हो रहे छठ महापर्व को लेकर मंगलवार को बाजार में रौनक देखी गई। छठ महापर्व को लेकर मंगलवार को नहाय-खाय अनुष्ठान को लेकर लोगों ने कद्दू की खरीदारी की। बाजार में 30-50 रुपये प्रति किलो कद्दू की बिक्री हुई है। छठ महापर्व को लेकर भक्ति की धारा बहने लगी है। लोग अपने तरीके से छठ पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर लोग सतर्कता भी लोग बरत रहे हैं। छठ मइया और भगवान भास्कर की पूजा अर्चना को लेकर छठव्रती जुट गए हैं। शहर से लेकर गांव-गावं में छठ पूजा की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। छठ मइया की पूजा-अर्चना को लेकर हर आम-खास की ओर से अपनी-अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुरूप सेवा भाव के साथ प्रयास शुरू कर दिया गया है। सरकार के दिशा-निर्देश से इतर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के छठ घाटों की साफ-सफाई को लेकर लोगों ने अभियान चला दिया है, ताकि अंतिम समय में छठ पूजा के आदेश जारी होने पर व्रतियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। शहर के उपनगरीय क्षेत्र में पतराटोली, हरमू, सिठियो घाट आदि क्षेत्रों में भी छठ घाटों की साफ-सफाई का काम तेज हो चुका है। इसके लिए मजदूरों के साथ-साथ छठ पूजा समिति के सदस्य भी जुटे हुए हैं। जेसीबी मशीन की सहायता से छठ घाट को समतल करने और सुरक्षित बनाने का काम तेजी से चल रहा है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो इसे लेकर विशेष ध्यान रखा गया है। लोगों का कहना है कि सरकार कुछ भी कहे पर वह परंपरा और आस्था के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। पूजन सामग्री की हो रही बिक्री छठ पूजा से संबंधित सामग्री की खरीदारी में श्रद्धालु जुट गए हैं। सूप, दौरा, कलशा, चौका, दीया, चावल-गेहूं सहित अन्य सामान की खरीदारी चल रही है। साथ ही दूध की बुकिग की जा रही है। छठ पूजा को लेकर हर कोई जैसे खुद को समर्पित कर चुका है। छठ महापर्व के मौके पर छठ मैया और भगवान भास्कर की आराधना में हर कोई अपनी ओर से तैयारी करता है। इस पर्व में न तो जाति-धर्म का बंधन नजर आता है और न ही अमीरी-गरीबी की खाई। हर वर्ग समाज के लोग अपने-अपने तरीके से छठी मइया की पूजा-अर्चना कर सभी के लिए सुख समृद्धि और शांति की प्रार्थना करते हैं। बाजार में चहल-पहल

: छठ महापर्व को लेकर बाजार में चहल-पहल नजर आ रही है। बाजार में पूजन सामग्री और छठ महापर्व के मौके पर उपयोग में आने वाले सामान की बिक्री को लेकर कई दुकानें खुल चुकी हैं। कई लोग बिना किसी मुनाफे के छठ के सामानों की बिक्री कर रहे हैं तो कोई मांग की पूर्ति के लिए बाजार में उतर चुका है। बाजार में छठ महापर्व को लेकर एक अलग ही तस्वीर नजर आ रही है। बजने लगे छठ मइया के गीत ल छठ पूजा को लेकर भक्ति गीतों का दौर भी चल रहा है। घरों में छठ के गीत गाए जाने लगे हैं। नहाए खाए अनुष्ठान के साथ ही छठ पूजा के कठिन अनुष्ठान की शुरुआत हो जाएगी। इसके उपरांत खरना अनुष्ठान, अस्ताचलगामी सूर्य को अ‌र्घ्य और उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य दिया जाएगा। शहर से लेकर गांव तक छठ मइया के गीत बत रहे हैं। 35 सालों से सूप-दौरा बेच रही है रजिया

आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर हर खाई पट जाती है। लोग सेवा भाव के साथ इसमें जुट जाते हैं। सूप- दौरा, पंखा आदि का मुस्लिम समाज के विशेषकर मुस्लिम महिलाएं कई दशकों से बिक्री करती आ रही हैं। शहर के गुदरी बाजार हनुमान मंदिर के समीप थाना टोली निवासी रजिया खातून विगत 35 सालों से सूप-दौरा बेच रही हैं। वह कहती हैं कि वह करीब 35 वर्षों से इसी स्थान पर सूप वगैरह पूरी श्रद्धा से बेच रही हैं। उनके परिवार की कई पीढि़यों ने यही काम किया है। शाहीन परवीन, रोशन खातून कहती हैं कि मेरे परिवार में सालों से घूम-घूम कर छठ में सूप बेचने की परंपरा रही है। इस बार 250-300 रुपये जोड़ा के अच्छे सूप लाकर बेच रही हैं, परंतु कोरोना व झारखंड सरकार के आदेश के बाद बिक्री काफी प्रभावित हो गई है। पूंजी भी फंस गई है, पर जो भी हो लोहरदगा में हर त्योहार में साझा संस्कृति की झलक मिलती है। जो समाज को मजबूती प्रदान करती है।