हजारीबाग । मेरू डी0 के0 शर्मा, महानिरीक्षक, मेरू कैम्प बी0एस0एफ0 की अभूतपूर्व-सद्भावना पहल के अन्तर्गत प्रथम बार सीमा सुरक्षा बल मेरू परिसर में हजारीबाग परिक्षेत्र में कार्यरत समस्त प्रिन्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों को सपरिवार जंगल सफारी, अल्पाहार एवं कमाण्डों प्रशिक्षकों के दिल दहलाने वाले जीवंत प्रदर्शन से रूबरू कराया गया। जंगल सफारी के आयोजन का मूल उद्देश्य मीडिया कर्मियों के मार्फत समाज के प्रत्येक अंग को पर्यावरण संरक्षण, सवंर्धन एवं प्रोत्साहन से अवगत व शिक्षित कराना था। इस मूल भावना का सपरिवार सम्पूर्ण उपस्थित मीडिया जगत ने स्वागत किया।

    कारोना काल के दौरान समाज में जागरूकता-सजगता प्रसार में मीडिया की अतुलनीय भूमिका रही है। उनके परिजनों ने भीे कारोना काल के दौरान बहुत संधर्ष झेला है। इस दौरान कोविड-19 के नियमों का सभी आगुँतकों ने सहज रूप से पालन किया।   

मेरू कैम्प की विशेषता इसका विशाल परिक्षेत्र जिसमें पर्यावरण संरक्षण का पूर्ण पालन किया जाता है व कैम्प में स्थित व सवंर्धित 07 झीलें इसे और भी अधिक रमणिक बना देती है। वन्य क्षेत्र होने के कारण कई प्रकार के वन्य जीव जैसे हिरन, लोमडी, खरगोश, जंगली सुअर, एवं कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी स्वतंत्र एवं सुरक्षित विचरण करते हैं। मेरू कैम्प सीमा सुरक्षा बल का एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है, जहाँ बुनियादी प्रशिक्षण के अलावा विशेष क्षेत्रों में विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। यहाँ सीमा सुरक्षा बल के अतिरिक्त अन्य केन्द्रीय पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों व मित्र देशों के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है।

       भ्रमण का शुभारंभ ओपन जीप से जंगल सफारी कर हुआ। जंगल सफारी के दौरान अगांतुकों को झीलों व जंगली क्षेत्र से अवगत कराया गया।  प्रहरी परिवार ने सभी अगांतुको का सह्रदय हार्दिक स्वागत किया। 

वृंदावन झील में सभी अगांतुकों के लिए नौकायान की विशेष व्यवस्था की गई थी। सभी लोगों बारी-बारी से इन नौकाओं में सवार हुए और पूरी झील का नौका से विचरण किया।