लोहरदगा l अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में आगामी 13 नवंबर को दिशुम गुरू शिबू सोरेन के आवास से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास तक पैदल मार्च कर ज्ञापन सौंपने को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा द्वारा 8 नवंबर को होटल सिटी प्राइड में एक प्रेस कांफ्रेंस की गई। जिसमें झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो, पूर्व मंत्री सधनु भगत, केन्द्रीय सदस्य कयूम खान, जिला समिति संयोजक प्रोफ़ेसर विनोद भगत आदि ने संबोधित किया। केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो ने कहा झारखंडी नेताओं में संवेदना के साथ-साथ नैतिकता का पूर्णत: अभाव है। 21 सालों से लगातार आंदोलनकारियों के त्याग संघर्ष एवं कुर्बानयों को नजरअंदाज करते रहे हैं और आज आंदोलनकारियों का स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है। इसके लिए झारखंडी नेतागण पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं। सरकार झारखंड आंदोलकारियों के मामले में चेतना शून्य नहीं करे। राज्य बनने के बाद से जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर राजकीय मान–सम्मान, पहचान, पेंशन व नियोजन वगैरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, नहीं मिलना इस राज्य के लिए विडम्बना है। आंदोनकारियों की स्थिति हाशिए पर है। कोई सुध तक लेने वाला नहीं है। कैबिनेट के फैसले व संकल्प का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फौरी स्तर पर कार्रवाई करते हुए झारखंड आंदोलनकारियों के लिए झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करे। राज्य में आंदोलकारियों की सरकार है, तो झारखंड आंदोलकारियों के लिए आदर हो, उनकी भावनाओं के अनुरूप उन्हें व उनकेआश्रितों को जेल जाने की बाध्यता को सरकार समाप्त करते हुए सभी को समान रूप से राजकीय मान-सम्मान, पहचान, पेंशन व नियोजन वगैरह की सुविधाएं देने का काम करे। उन्होंने कहा कि हमारे केन्द्रीय उपाध्यक्ष अश्विनी कुजूर को लोहरदगा थाना द्वारा किसी विशेष व्यक्ति के कहने पर बिना वारेंट दिखाए गिरफ्तार किया जाना व बाद में रांची पुलिस को सौंपा जाना नेहायत घटिया स्तर का कार्य किया गया है। जिसकी हम घोर निंदा करते हैं। हम मांग करते हैं कि थाना प्रभारी को अविलंब हटाया जाए। साथ ही किसी भी झारखंड सेनानी के साथ इस तरह का कुकृत्य भविष्य में न हो। मौके पर अमर किन्डो, कार्यकारी अध्यक्ष, शाहिद अहमद ,महासचिव, विशेषण भगत , सचिव, अनिल कुमार भगत प्रवक्ता, रूस्तम खान, सैयद सलीम, दिनेश साहु आदि लोग मौजूद थे।