साहिबगंज ( उधवा ) । छठ का नाम सुनते ही हमारे मन में श्रद्धा-आस्था का भाव उमड़ने लगता है। लोक आस्था का यह महापर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है।जानकारी के अनुसार लोक आस्था का महापर्व छठ प्रखंड क्षेत्रों में धूमधाम व भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस दौरान छठ पर्व मुख्य रूप से उधवा,कचहरीघाट, फुदकीपुर,मनिहारी टोला,श्रीधर, कटहलबाड़ी,बेगमगंज,राधानगर समेत विभिन्न छठ घाटों में पर्व मनाया गया। जहां लोगों ने भगवान भाष्कर को अर्घ्य अर्पित किया। छठ के अवसर पर विभिन्न घाटों पर प्रशासन पूरी मुस्तैद के साथ देखे गए।छठ के अवसर पर घाटों में सूर्य देव की प्रतिमा स्थापित की गई। पुजारी द्वारा लोगों को पूजा-अर्चना करायी।कहा जाता है की इस पर्व को स्त्री और पुरुष समानरूप से मनाते हैं। छठ व्रत के संबंध में अनेक कथाएं प्रचलित हैं; उनमें से एक कथा के अनुसार जब पांडव अपना सारा राजपाट जुए में हार गए, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखा। तब उसकी मनोकामनाएं पूरी हुईं तथा पांडवों को राजपाट वापस मिल गया। लोक परंपरा के अनुसार सूर्य देव और छठी मइया का संबंध भाई-बहन का है। लोक मातृका षष्ठी की पहली पूजा सूर्य ने ही की थी। छठ के अवसर पर समिति का योगदान सराहनीय रहा है।