साहिबगंज। उषा अर्घ्य के साथ ही गुरुवार को चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो गया। गुरुवार को छठ पूजा के आखिरी दिन उगते हुए सूर्य देवता को जल चढ़ाया गया। गुरुवार को अगले सुबह से ही लोग घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। मुहूर्त के अनुसार सुबह 6.41 बजे व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। उषा अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने प्रसाद बांटकर घर के बड़े – बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर अपना व्रत खोला। मान्यता है कि विधि विधान से पूजा करने और अर्घ्य देने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती हैं। ज्ञात रहे कि छठ पूजा पर्व चार दिनों तक विशेष नेम और निष्ठा से चलता है। यह व्रत नहाय – खाय के साथ शुरू होता है। इस बार नहाय खाय 8 नवंबर को था, उसके अगले दिन 9 नवंबर को खरना की परंपरा निभाई गई, फिर 10 नवंबर को अस्तचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य दिया गया और गुरुवार सुबह को सूर्योदय के समय अर्घ्य देने की परंपरा विधि – विधान से निभाई गई। अलग – अलग रंगबिरंगे लाईट से छठ घाट जगमगाता नजर आया। शहर के विभिन्न घाटों पर आज हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। पूजा के दौरान पुलिस प्रशासन के कर्मचारी डुयुटी में तैनात दिखे, व्रत संपन्न कराने में पुलिस प्रशासन का भी विशेष सहयोग रहा।