साहिबगंज ( राजमहल ) । राजमहल प्रखंड के मंगलहाट के निकट कसवा पंचायत का टिक्करटोला की रहने वाली 52 वर्षीय दुखिया बेवा का निधन बुधवार की सुबह बिमारी के कारण हो गई. गरिबी के कारण वो अपना इलाज अच्छी तरीके से नहीं कर पाई. हालांकि उनका एक बेटा भी है परन्तु हमेशा नशे की हालत में रहने के कारण अपनी मां की देखरेख सही ढंग से नहीं कर रहा था. जिसके कारण युवा शक्ति संगठन के युवाओं ने अपने निजी रुपए दे कर उसका इलाज करवाने की कोशिश की. लेकिन नशे के लत से मजबूर उका पुत्र इलाज करवाने के दिए गए रकम को धुंए में उड़ा दिया. एक दशक पूर्व उनके पति का देहांत होने के बाद वे काफी गरीबी की जिंदगी गुजर-बसर कर रही थी. बुधवार की अपराह्न करीब तीन बजे दुखिया बेवा की मृत्यु होने के बाद अन्तिम संस्कार के लिए उनका कोई रिश्तेदार आगे नहीं बढ़ा. रात भर उनका शव घर पर ही पड़ा रहा. और पड़ोसियों ने भी कोई मदद नहीं की. मृतका का इकलौता बेटा रोबिया महलदार को भी मां के मरने की कोई चिंता नहीं रहा तभी तो वे मां के मरने का गम को छोड़कर नशा सेवन करने में मशगूल रहे. घर में शव यूं ही पड़े रहने की खबर जब युवा शक्ति संगठन के विकास यादव व रतन कुमार को मिली तो वे मानवता का परिचय देते हुए मामले को गंभीरता से लिया और इसकी सूचना वे क्लब से जुड़े सभी सदस्यों को देकर मृत महिला के शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही. क्लब के 31 सदस्यों ने मिलकर है मृत महिला के अर्थी को कंधा दिया. और उसमे होने वाले खर्च को भी क्लब के सदस्यों ने मिलकर आपस में चंदा इकट्ठा कर सारा खर्च का जिम्मा लिया. जहां मृतका के रिश्तेदारों ने दरिद्र मृतक का सहारा देने से इनकार किया तो वही मानवता का परिचय देते हुए. समाज के लिए एक प्रेरणा दायक संदेश दिया. मौके पर विकास यादव, शीव मंडल, उदित नारायण यादव, रुपेश कुमार मंडल, रतन कुमार, सकलदीप मंडल, विष्णु मंडल, प्रदीप मंडल, सुदर्शन यादव, गोपाल मंडल, पुनीत मंडल व समिति के सभी सदस्य मौजूद थे.