बरकट्ठा। प्रखंड में धूमधाम से छठ का त्योहार मनाया ।श्रद्धालुओं ने उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ समाप्ति के पश्चात छठ व्रतियों ने व्रत खोला ।प्रखंड के प्रसिद्ध छठ घाट परबत्ता बेलवा नदी,पतालसुर,जलैहिया, काली मंडा, राज दहा,बंजारी, नावाडीह छठ घाट, बेलकप्पी तिवारी टोला छठ घाट, पांडेय टोला छठ घाट, धोबी टोला, बेडोकला, कपका, गोरहर, शिलाडीह समेत अन्य जगहों पर छठ पर्व मनाया गया। विधायक अमित यादव समेत कई जनप्रतिनिधियों तथा युवकों/ युवतियों की तस्वीर सोशल मीडिया पर पर्व मनाते देखे गए । छठ घाट की सफाई करवाने में जिप प्रतिनिधि केदार साव, बरकट्ठा उत्तरी प्रधान बसंत साव,बेलकपी प्रधान गुड्डी देवी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।सर्व विदित है कि एक और जहां डूबते सूरज को अर्घ देने का व्यापक अर्थ अपने गौरवशाली अतीत,परंपराओं तथा संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का जज्बा है वहीं दूसरी ओर उगते सूरज को अर्घ देने से तात्पर्य भविष्य को संवारने हेतु अपनी संस्कृति- सभ्यता से सीधा जुड़ाव बनाए रखने की प्रचंड अभिलाषा है। डूबते एवं उगते सूरज को अर्घ देने की पावन प्रक्रिया के पीछे की वैज्ञानिकता की जहां तक बात है तो यह सर्वमान्य सिद्ध तथ्य है कि कमर तक जल में प्रवेश करने की प्रथा से पेट,आंख एवं चर्म रोग से बचाव में मदद मिलती है। मस्तिष्क पर सकारात्मक असर पड़ता है एवं बुद्धि का विकास होता है ।पर्व में विधि व्यवस्था बनाने को लेकर स्थानीय पुलिस मुस्तैद दिखी।