हजारीबाग । लोक आस्था और भक्ती के महापर्व छठ पुजा के चौथे दिन गुरूवार के सुबह उगते सूर्य भगवान भास्कर को अर्ध्य के साथ संपन्न हुआ आस्था का महापर्व चार दिवसीय छठ महापर्व को लेकर व्रतियों ने सूर्य देव को दूसरा अर्घ्‍य दिया और छठी मैया की पूजा के साथ यह पर्व संपन्न हो गया।छठ पर्व के चौथे एवं अंतिम दिन तड़के ही उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके परिजन अपने घरों से पूजा सामग्रियों के साथ घाटों पर पहुंचे और घुटने तक पानी में खड़े होकर व्रतधारियों ने सूप,ईख,नारियल, मिट्टी के दिया बर्तन ,फल, फुल बैेलपत्र ठकुवा सूप, बांस की डलिया में पूजन सामग्री  सहित गाय के दूध से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और पुरे क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना की।
इसके बाद छठ व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण किया और इसी के साथ ही व्रत और उपवास का चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व संपन्न हो गया।प्रकृति पूजन के महापर्व छठ के अवसर पर पूरे देश में लोगों के बीच धार्मिक श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।बिहार-झारखंड समेत पूरे देश में छठ महापर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।इस दौरान छठ पूजा के पारंपरिक गीत गूंजते रहे।बता दें कि छठ का पर्व सोमवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ था। दूसरे दिन मंगलवार को खरना पर गुड़ की खीर बनाई गई और तीसरे दिन बुधवार शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया।आखिरी दिन गुरुवार उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पर्व संपन्न हो गया।