हजारीबाग । न्याय प्रशासन के 75 वर्षों के इतिहास को जानने और बताने को लेकर सिविल कोर्ट स्थित न्याय सदन भवन में एक प्रदर्शनी का आयोजन शनिवार को किया गया। यह प्रदर्शनी झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर लगाया गया था। लोगों को प्रदर्शनी के बारे में विस्तार पूर्वक बताने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पुरुषोत्तम कुमार गोस्वामी मौजूद थे। इस मौके पर उनके साथ एसीजेएम सिंधु नाथ लमय भी उपस्थित थे। न्याय व्यवस्था से संबंधित सारी प्रक्रियाओं और सुलभ न्याय दिलाने को लेकर 75 वर्षों में जिस प्रकार से विकास हुआ है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों के लिए प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही भविष्य में न्याय व्यवस्था में आने वाले क्रांतिकारी बदलाव के बारे में भी लोगों को बताया गया।

इस प्रदर्शनी के माध्यम से ई-कमिटी सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के द्वारा भारत के सभी न्यायालयों को सूचना और संचार तकनीक के माध्यम से सुदृढ़ बनाया गया है। इस संदर्भ में सभी न्यायालयों को कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की सुविधा के साथ-साथ न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे को लेकर निपटारा में तेजी लाने के लिए सीआईएस 3.0 एवं लंबित मामलों से संबंधित नेशनल जुडिशल डाटा ग्रिड का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही सभी न्यायालयों में सेंट्रिक फैसिलिटी जैसे ई फाइलिंग, ई सेवा केंद्र, ई कोर्ट डॉट गव डॉट इन, एनएसआई, ई पेमेंट, ई सर्टिफाइड कॉपी इत्यादि सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस प्रदर्शनी के द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यों और उसकी प्रक्रिया को दर्शाया गया है। इसके साथ ही न्यायिक प्रक्रिया को भी दिखाया गया।