भारतीय जनता पार्टी का 42वां स्‍थापना दिवस, पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

लोहरदगा l भारतीय जनता पार्टी ने अपनी 42 साल की यात्रा में जनसंघ के राष्ट्रवाद और राष्ट्र प्रथम के विचार को आगे बढाया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय के जिस दर्शन के द्वारा गरीब व्यक्ति के कल्याण को राजनीति का प्रमुख आधार बनाया उसी दर्शन को अपनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी सरकार को गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित किया।

आज भारत में सुशासन की राजनीति, गरीब कल्याण की राजनीति, मूल्य आधारित राजनीति और अंत्योदय की राजनीति को भाजपा ने आगे बढ़ाया है। अपनी इस विकास यात्रा में भाजपा ने केवल देश के लोकतंत्र को ही नहीं, अपितु अपने आंतरिक लोकतंत्र को भी मजबूत बनाने का कार्य किया है। पार्टी ने अपनी कार्यप्रणाली में नियमित रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव और कोर कमिटी में सामूहिकता से निर्णय लेने की पद्धति जैसे विषयों को आगे बढ़ाया है। पार्टी द्वारा अपने विकास के क्रम में नेतृत्व को किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित न रखकर नेतृत्व की एक शृंखला को तैयार किया गया है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने आज अपनी कार्यक्षमता में नई तकनीक का विकास और विभागों के द्वारा पार्टी का व्यवस्थापन करते हुए समाज के आकांक्षी लोगों को स्वयं से जोड़ने का काम किया है।

आज पार्टी की विकास यात्रा उस मुकाम पर पहुंच गई है कि 1950 में जहाँ जनसंघ के तीन सांसद होते थे, वहीं आज भाजपा के 300 से अधिक सांसद हैं। भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं के उत्थान के विषय हो या समाज के एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के कल्याण का विषय हो या लोगों के आर्थिक कल्याण का विषय हो अथवा देश में समान राजनीतिक एवं भौगोलिक विकास का विषय हो, इन सभी विषयों को पार्टी ने आगे बढ़ाया है।

एक मजबूत संगठन के आधार पर यह पार्टी अनवरत रूप से लोकतंत्र व जनता की सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम करती रही है और आगे भी करती रहेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा और भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पार्टी आज भारत के बुनियादी मूल्यों के साथ देश में लोकतंत्र और पंचनिष्ठा (राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता; लोकतंत्र; सामाजिक-आर्थिक विषयों पर गांधीवादी दृष्टिकोण, जिससे शोषणमुक्त एवं समतायुक्त समाज की स्थापना हो सके; सकारात्मक पंथ-निरपेक्षता अर्थात सर्वधर्म समभाव; मूल्यों पर आधारित राजनीति और आर्थिक एवं राजनीतिक विकेंद्रीकरण) के आदर्शों को लेकर आगे बढ़ रही है।

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