बानादाग साईडिंग के विरोध में दोबारा आंदोलन होने की तीव्र संभावना- उदय साव

30 दिन बीते, अब उपायुक्त, एनटीपीसी व प्रशासनिक पदाधिकारियों ने नहीं ली सुद्धि- मुन्ना सिंह

हजारीबाग । बानादाग साईडिंग के प्रति चार गांव के रैयतों के गुस्से में एक बार फिर उबाल है। प्रतिदिन की आयोजित बैठको में जिला प्रशासन के समझौते को रैयत एक-दूसरे को पढ़कर सुनाते है और बैठक समाप्त होने के बाद किस्सा वहीं समाप्त हो जाता है। बैठक में कहा जाता है कि उपायुक्त हजारीबाग के माध्यम से एनटीपीसी के वार्ता की तिथि मुकर्रर की गई है, लेकिन किस कारण टल जाती है, उसका जिक्र कभी नहीं किया जाता है। प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष समिति के बैनर तले उपायुक्त से बानादाग महाआंदोलन मामले में 14 मांगों पर सहमति बनी थी, जिस पर एक महीने बीत जाने के बाद अमल नहीं किया गया। पूर्व में उपायुक्त ने चार गांव बानादाग, कुसुंभा, बांका और कटकमदाग के रैयतों को दुर्गा पूजा के सुबह मुलाकात का समय और तिथि मुकर्रर किया था। उसके बाद दीपावली बीतने के बाद 5 नवंबर, फिर 12 नवंबर, 13 नवंबर और अंत में 16 नवंबर की तिथि उपायुक्त कार्यालय से वार्ता के लिए रैयतों को समय दिया गया है। सनद रहे कि 5 अक्टूबर को रेल रोको, कोयला ट्रांसपोर्टिंग कार्य ठप करो महाआंदोलन का आगाज हुआ, जो 10 अक्टूबर को जिला प्रशासन के माध्यम से 14 मांगों पर सहमति के बाद आंदोलन को समाप्त किया गया था। आलम यह है कि 14 मांगों में एक भी मांगों को रैयतों के बीच लागू नहीं किया गया, जिससे एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट दिख रही है। प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष समिति के संरक्षक सह समाजसेवी मुन्ना सिंह ने कहा है कि प्रशासन को एक लिखित सूचना रैयतो के माध्यम से दिया जायेगा। जब तक 14 मांगों को रैयतों के बीच परस्पर रूप से लागू नहीं किया जाता है, तब कोयला ढुलाई बानादाग साईडिंग से बंद रखा जाये। साथ ही जिला प्रशासन और उपायुक्त प्रखंड के पदाधिकारियों को भी सूचित करें, की रैयतों की समस्याओं का हल जल्द से जल्द निकाला जाये, नही तो 16 अक्टूबर के बाद उपायुक्त कार्यालय और धरना स्थल पर धरना दिया जायेगा। मुखिया उदय साव, कटकमदाग अध्यक्ष मोहन राम, कुसुंभा अध्यक्ष बालेश्वर यादव, बांका अध्यक्ष प्रकाश यादव, बानादाग अध्यक्ष विकास कुमार, महासचिव प्रमोद कुमार गुप्ता, अजय यादव सहित सैकड़ो रैयतों ने जिला प्रशासन से समझौते की बढ़ती तिथि के कारण आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही आमरण अनशन करने का निर्णय लिया है।