हजारीबाग। राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) एवं पूर्वविक्ता प्राप्त गृहस्थ योजना (पीएचएच) के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि ऐसी सूचना प्राप्त हो रही है कि इस अधिनियम के अन्तर्गत वैसे लाभुक चयनित हो गये हैं, जो निर्धारित मानकों के आलोक में पात्र नहीं रखते है।

उन्होंने कहा कि ‘‘झारखण्ड लक्षित जन वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2019’’ के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अपवर्जन मानक के तहत् अयोग्य व्यक्ति पी0एच0एच0/अंत्योदय राशन कार्ड की पात्रता नहीं रखते हैं जिनमें वैसे परिवार शामिल हैं जिनका कोई भी सदस्य, भारत सरकार/राज्य सरकार/केन्द्र शासित प्रदेश या इनके परिषद्/उद्यम/प्रक्रम/उपक्रम/अन्य स्वायत निकाय जैसे विश्वविद्यालय इत्यादि/नगर निगम/नगर पर्षद/नगरपालिका/न्याय इत्यादि में नियोजित हो अथवाय वैसे परिवार, जिनका कोई सदस्य आयकर/सेवाकर/व्यवसायिक कर/जीएसटी देता हो अथवाय वैसे परिवार, जिनके पास 05 (पॉंच) एकड़ से अधिक सिंचित भूमि अथवा 10 (दस) एकड़ से अधिक असिंचित भूमि हो। 
अथवाय वैसे परिवार, जिनके पास चार पहिया मोटर वाहन अथवा इससे अधिक पहिया के वाहन हो, अथवाय  वैसे परिवार, जिनका कोई भी सदस्य सरकार द्वारा पंजिकृत उद्यम का स्वामी या संचालक हो, अथवाय सरकारी आवास योजनाओं से अनाच्छादित वैसे परिवार, जिनके पास कमरों में पक्की दीवारों तथा छत के साथ तीन या इससे अधिक कमरों का मकान हो, अथवाय वैसे परिवार, जिनके पास 5 लाख या इससे अधिक लागत का मशीन चालित चार पहिये वाले कृषि उपकरण (ट्रैक्टर, थ्रेसर इत्यादि) हों। 
उन्हें राशन कार्ड का सरेन्डर करना अनिवार्य है।
वे निश्चित रूप से 30 नवंबर 2021 तक अपने परिवार के मुखिया द्वारा आवेदन (प्रपत्र-12जी में) आधार संख्या सहित ऑनलाईन माध्यम से या अपने प्रखण्ड के प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी/प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/पणन पदाधिकारी/जिला आपूर्ति कार्यालय, हजारीबाग में विलोपित (रद्द) करने हेतु स्वेच्छा से समर्पित करना सुनिश्चित करें, अन्यथा उक्त तिथि के उपरांत अपात्र लाभुक/परिवार द्वारा पीएचएचध्एएवाई श्रेणी के राशनकार्ड का लाभ लिये जाने के लिए उक्त लाभुक/परिवार के विरूद्ध निम्निलिखित वसूली एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।