हजारीबाग । विभावि संचालित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूसेट) और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में 17 नवंबर 2021 को “परमाणु ऊर्जा शांति, शक्ति और समृद्धि के लिए” विषयक एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है । इस सेमिनार में डॉ० रंजय शरण, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, केएपीपी ( काकरापार एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट) -3 एंड 4, न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी;डॉ० आर० के० सिंह, सेवानिवृत्त वैज्ञानिक (बीएआरसी) सह पूर्व -सचिव, इंडियन न्यूक्लियर सोसायटी तथा डॉ० ललित वार्ष्णेय, अध्यक्ष, बीआरएनएस ( डब्ल्यू डब्ल्यू एम ) तथा पूर्व हेड, रेडिएशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट (बीएआरसी) विशेषज्ञों के तौर पर शामिल होंगे। बताते चलें कि केएपीपी- 3 एंड 4 भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुजरात राज्य के काकरापार में स्थित काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना (केएपीपी- 3- 700 मेगा वाट) की इकाई- 3 में 22 जुलाई 2020 को प्रथम क्रांतिकता (प्रथम बार नियंत्रित स्व-वहनीय नाभिकीय विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया) प्राप्त की थी। केएपीपी-3 अपनी तरह का प्रथम स्वदेशी 700 मेगावॉट क्षमता का दाबित भारी पानी रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) है । यह भारतीय वैज्ञानिकों एवं अभियंताओं द्वारा स्वदेशी रूप में डिजाइन किया गया है। यह रिएक्टर ‘मेक इन इंडिया’ का एक गौरवपूर्ण उदाहरण है।इस सेमिनार से विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारत में परमाणु ऊर्जा के उपयोग तथा इस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को जानने का अवसर प्राप्त होगा। यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम समन्वयक अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि हमारे वर्तमान कुलपति डॉ० मुकुल नारायण देव ने भी बीएआरसी के अपने अनुभवों को साझा करने की सहमति प्रदान की है। इस क्षेत्र में अपनी तरह का यह पहला कार्यक्रम होगा। यूसेट को इस कार्यक्रम की मेजबानी का अवसर प्राप्त हो रहा है यह अत्यंत गौरवपूर्ण बात है। विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के लिए यह एक अनुपम अवसर साबित होगा क्योंकि बीएआरसी के साथ मिलकर शोध के क्षेत्र में आगे कैसे बढ़ा जा सकता है ?इस बात पर भी विशेष जानकारी दी जायेगी।कार्यक्रम विवेकानंद सभागार में आयोजित होगा। निदेशक डॉ० कामेश्वर प्रसाद ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी हैं तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।