पाकुड़ । शनिवार को डॉ अभिनव कुमार, राज्य कार्यक्रम अधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची और भारती फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री ममता सैकिया द्वारा राज्य की पहली शिक्षण अधिगम सामग्री पुस्तक का वरचुअल विमोचन किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री मती रजनी देवी पाकुड़ ने कहा कि यह शिक्षण अधिगम सामग्री पुस्तक 38 शिक्षण अधिगम सामग्रियों का संकलन है । जिनकी रूपरेखा झारखंड में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा तैयार की गई है। प्रत्येक शिक्षण अधिगम सामग्री को भारती फाउंडेशन द्वारा आयोजित सत्य भारती एजुकेशनल रॉकस्टार अचीवर्स पुरस्कार के लिए प्राप्त सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों में से चुना जाता है। ये नवोन्‍मेष भारत में अनेक विद्यार्थियों के लिए अधिगम को सरल बनाएंगे। ये शिक्षण अधिगम सामग्रियां उन अधिगमों का परिणाम हैं जो शिक्षकों को उनकी दिन-प्रतिदिन की कक्षाओं के अनुभवों से प्राप्‍त हुए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती रजनी देवी ने भारती फाउंडेशन के विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष  2000 में भारती एंटरप्राइजिस की लोकोपकारी संस्था के रूप में भारती फाउंडेशन की स्थापना की गई थी। यह प्राथमिक,  माध्यमिक एवं उच्चतर शिक्षा के साथ-साथ स्‍वच्‍छता के क्षेत्रों में कार्यक्रमों को क्रियान्वित और सहायता करती है। 2006 से, सर्वोत्‍कृष्‍ट सत्य भारती स्कूल प्रोग्राम लड़कियों पर फोकस के साथ छह राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में 183 स्कूलों में हजारों वंचित बच्चों को मुफ्त उत्‍कृष्‍ट शिक्षा उपलब्‍ध करा रहा है। 2013 से सत्‍य भारती क्‍वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम के माध्‍यम से 11 राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों में 662 सहभागी सरकारी स्‍कूलों में पढ़ रहे 2,45,556 छात्रों के लिए इस प्रोग्राम की विद्याप्राप्ति और अच्‍छी पद्धतियों का हस्‍तांतरण करके उत्‍कृष्‍ट शिक्षा के प्रभाव को बढ़ाया गया है। सत्‍य भारती अभियान, जो 2014 से चलाई जा रही स्‍वच्‍छता संबंधी पहल है। जो कई जिलों में स्‍वच्‍छता परिस्थितियों में सुधार ला रहा है, कुल मिलाकर, इन प्रोग्रामों ने संचयी रूप से समुदाय के 22 लाख से अधिक सदस्‍यों पर गहरा प्रभाव डाला है।