हजारीबाग। डीएवी पब्लिक स्कूल की सीनियर शाखा में महात्मा नारायणदास ग्रोवर जयंती मनायी गई। कार्यक्रम की शुरुआत में विशेष दैनिक हवन-यज्ञ के बाद प्राचार्य अशोक कुमार ने नारायणदास ग्रोवर की छवि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि महान शिक्षाविद ग्रोवर साहब सेवा और सादगी की प्रतिमूर्ति थे। शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत पिछड़े पूर्वोत्तर भारत में 200 से अधिक डीएवी स्कूल खोलने वाले ग्रोवर साहब ने अपना जीवन खूँटी के आदिवासियों के लिए अर्पित कर दिया था। उनकी देख-रेख में उनके द्वारा स्थापित ‘दयानंद नेत्र-ज्योति चिकित्सा-शिविर’ में हजारों गरीब आदिवासियों की आँखों का मुफ्त इलाज हर साल होता था। रसायनशास्त्र में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले ग्रोवर साहब का मानना था कि स्कूल भवन की ऊँचाइयों से ऊँचा नहीं होता है, विद्वान और समर्पित शिक्षकों की पढ़ाई से ऊँचा बनता है। निष्काम कर्मयोगी ग्रोवर साहब वैदिक संस्कारों से युक्त विज्ञान और तकनीक की शिक्षा पर विषेष बल देते थे।