हजारीबाग । हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय में बानादाग साईडिंग से प्रभावित रैयतों की वार्ता हुई। वार्ता की अध्यक्षता उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने किया। इस वार्ता में बानादाग, कुसंभा, बांका और कटकमदाग के रैयत के अलावे आंदोलन के मुख्य संरक्षक सह समाजसेवी मुन्ना सिंह, जयषंकर पाठक, जिप सदस्य प्रियंका कुमारी, मुखिया उदय साव, प्रभु साव, कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अवधेष सिंह सहित सभी गांव से पांच-पांच रैयत शामिल हुए। वार्ता समाप्त होने के बाद बानादाग साईडिंग के आंदोलन के मुख्य संरक्षक मुन्ना सिंह ने कहा कि जिला प्रषासन के किये समझौते को गांव में लागू कराना हमलोगों का मकसद है। जिला प्रषासन की कमिटी जल्द ही रैयतों की पहचान करेगी, जिसके एक एक पहचान बनाया जायेगा, जिसके तहत उक्त गांव बानादाग, कटकमदाग, कुसुंभा और बांका में विकास कार्यक्रम किया जायेगा। साथ ही चारों में विकास कार्यक्रम का रैयत हिस्सा बनेंगे, जिसमें उन्हें रोजगार, उचित मुआवजा अलावे अन्य सरकारी लाभ दिया जायेगा। श्री सिंह ने बताया कि उपायुक्त ने ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे में सकारात्क पहल किया है। जिससे रैयतों को राहत मिलेगा। कांग्रेस के वरीय नेता जयषंकर पाठक ने कहा कि बानादाग साईडिंग में वर्तमान में कार्यरत मजदूरों की सूची सार्वजनिक किया जाये, जिससे स्थानीय और बाहरियों को चिंहित किया जायेगा। वर्तमान में कुसुंभा मार्ग से हो रहे कोयला ढुलाई को तत्काल प्रभाव से बंद किया जायेगा। साथ ही समझौते के 14 मांगों को जिला प्रषासन और एनटीपीसी के सहयोग से धरातल पर एक सप्ताह के भीतर उतारा जायेगा। मुखिया उदय साव ने कहा कि रैयतों को जमीन के बदले उचित मुआवजा और रोजगार दें। जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था और गहस्थी बेहतर हो सकें। वार्ता में सभी गांव के प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष समिति के अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी और रैयत महिला-पुरूष मौजूद थे।