दुमका ( शिकारीपाड़ा ) । ज़िला दुमका के प्रखण्ड शिकारीपाड़ा के राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण में सप्ताह श्रीमद् भागवत कथा का समापन दिन बुधवार को हुआ। इस कथा में शामिल हुए श्रद्धालू ने भक्ति में लीन होकर जयकारा लगाते दिखे। हर दिन अलग अलग प्रकार से कथा का संचालन कथावाचक द्वारा किया गया। जिसमें रासलीला का नाट्य रूपांतरण, रास लीला में छोटी-छोटी बच्चियां गोपियां बन कृष्ण संग रासलीला शामिल थे।कथावाचक श्री श्यामसुंदर दास ठाकुर महंत जी ने रास लीला सभी ग्रामीणों एवं भक्तों के सामने कथा प्रस्तुत की।बताते चलें कि भागवत कथा के अंतिम दिन भी श्रद्धालुओं की काफी संख्या मौजुद थी। लगातार पहले दिन से ही भागवत कथा सुनने के लिए भक्तों एवं ग्रामीणों की भीड़ देखी गई। दिन बुधवार को सुबह कुंजभंग कृतन कृतनिया लक्खी प्रिया के द्वारा किया गया एवम इसका समापन किया गया। इसके बाद महाप्रसाद खिचड़ी का वितरण कर, भागवत कथा का समापन हुआ। श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शिकारीपाड़ा के गंगाधर पाल महंत के नेतृत्व में किया गया, जिनमें ग्रामीण का भरपूर सहयोग मिला।