चाईबासा। जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम तथा डायन प्रथा उन्मूलन हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं Elder line 14567 के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग , समाज कल्याण विभाग एवं शिक्षा विभग के प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी सम्मिलित हुए । प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षण उपरांत प्रखण्ड स्तर पर आंगनवाड़ी सेविकाएँ . ए०एन०एम० तथा सहियाओं को उक्त विषय के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करना है।
अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम अन्तर्गत लाभार्थी समूह 6-59 माह, 5-9 वर्ष,10-19 वर्ष 20-49 वर्ष की महिलाएं गर्भवती एवं धात्री माताओं को एनीमिया से बचाव हेतु आई.एफ.ए. सम्पूरण एवं व्यवहार परिवर्तन अर्थात आयरनयुक्त आहार के सेवन हेतु जानकारी दी गई।
डायन प्रथा उन्मूलन हेतु जागरूकता हेतु डायन प्रथा के संबंध में जानकारी एवं रोकथाम हेतु कानूनी प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी गई। डायन प्रथा प्रतिषेध 2001 के तहत दण्ड एवं जुर्माना के बारे में जानकारी दी गई। Elder line 14567 के तहत प्रशिक्षकों को जानकारी दी गई कि इस पहल के द्वारा बुजर्गों को व्यापक लाभ एवं सहायता प्रदान किये जाने के लिए यह सर्वोच्च मंच है। इस Elder line 14567 के द्वारा बुजर्गों से संबंधित समस्त समास्याओं के समाधान हेतु कार्य किया जायेगा
डी० एल० ओ० एजाज अनवार द्वारा कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु स्वयं सहायता समूह के दीदीओं को शामिल करने तथा जिला स्तर पर पोषण से संबंधित पाकवान , प्रतिस्पर्धा कराने का सुझाव दिया गया। उपायुक्त के द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षकों को निर्देशित किया गया कि स्वास्थ्य एवं कुपोषण के क्षेत्र में पश्चिमी सिंहभूम जिला की स्थिति अत्यन्त संवेदनशील है। अतः उपर्युक्त कार्यक्रम का कार्यान्वयन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चि किया जाए । साथ ही इस कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर मुण्डा , मानकी , जलसहिया एवं पंचायत प्रतिनिधियों को भी शामिल करना सुनिश्चित किया जाए ।