कटकमदाग । पिछले 16 नवंबर 2021 को उपायुक्त कार्यालय हजारीबाग के सभागार में बानादाग साइडिंग से प्रभावित रैयतों की वार्ता उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद और एनटीपीसी के पदाधिकारियों के मौजूदगी में हुई। वार्ता में प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के संरक्षक मुन्ना सिंह कांग्रेस नेता जयशंकर पाठक सहित मोर्चा के अध्यक्ष, सचिव और रैयत ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई थी कि कुसुंभा सार्वजनिक मार्ग से बड़कागांव से आने वाले कोयला वाहनों को रोक दिया जाए। कंपनी उसके लिए अन्य व्यवस्था बनाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाएं ना हो। आम आवाम को इससे बहुत परेशानी होती है। धूल गर्दों के कारण लोग आसानी से कुसुंभा मार्ग से आवागमन करना मुनासिब नहीं समझते है, जिसके कारण उन्हें जिला मुख्यालय आने के लिए लंबी दूरी मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। वार्ता के दौरान उपायुक्त और एनटीपीसी के पदाधिकारियों ने कहा था कि 17 नवंबर 2021 के बाद कुसुंभा मार्ग से कोयले की ढुलाई बंद कर दी जाएगी। इसके लिए कंपनी अतिरिक्त व्यवस्था बनाएगी लेकिन अब तक कोयला ढुलाई अनवरत कुसुंभा मार्ग से जारी है। सनद रहे बानादाग साइडिंग के विरोध में महाआंदोलन में हुए समझौतों में से 14 मांग में एक मांग कुसुंभा मार्ग से कोयले की ढुलाई बंद किया जाए यह भी शामिल है। फिर भी कोई पहल नहीं हो रही है। आंदोलन के संरक्षक समाजसेवी मुन्ना सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में लिखा गया है कि कुसुंभा मार्ग से कोयले की ढुलाई जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन के सहयोग से बंद किया जाए। कंपनी को इसके अतिरिक्त अपना व्यवस्था बनाने का आदेश दिया जाए जिससे रैयत की गृहस्थी शांतिपूर्वक चल सके। सिंह ने कहा कि जल्द ही बानादाग साइडिंग से प्रभावित रहे तो के साथ बैठक की जाएगी जिसके बाद सामूहिक रूप से एक ज्ञापन जिला प्रशासन के उपायुक्त के अलावे राज्य सरकार को भी सौंपी जाएगी। मुखिया उदय साहू ने कहा कि वार्ता में हुई बातों को जल्द से जल्द जिला प्रशासन धरातल पर उतारने का कार्य करें जिससे रैयतों के चेहरे पर मुस्कान आए।